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बजट के अभाव दम तोड़ रही अल्पसंख्यक विभाग की योजनाएं

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सहारनपुर। वित्तीय वर्ष 2020-21 खत्म होने में 14 ही दिन बचे हैं, लेकिन अल्पसंख्यक विभाग द्वारा चलाई जा रही कई महत्वाकांक्षी योजनाएं बजट के अभाव में दम तोड़ रही हैं। इन योजनाओं में बजट न होने की वजह से 80 प्रतिशत आवेदक लाभान्वित नहीं हो पाए। मात्र 20 प्रतिशत को ही योजनाओं का लाभ मिला है। योजनाओं की स्थिति पर पेश है रिपोर्ट ...
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योजना -- एक
-- प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से 157 करोड़ का प्रस्ताव शासन को बनाकर भेजा गया, जिसके तहत कारीगरों के हुनर को निखारा जाना था। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में बहुउद्देशीय सभागार, सोलर लाइट व आरओ सिस्टम, मरम्मत कार्य होने हैं। मगर, इस प्रस्ताव को बजट के अभाव में हरी झंडी नहीं मिल पाई है।
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योजना -- दो -
-- टर्म लोन योजना में 312 लोगों ने आवेदन किया, लेकिन मात्र 50 लोगों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण मिलना स्वीकृत हो पाया है। वो भी 70 लाख रुपये से 50 लोग ही लाभान्वित होंगे। बजट न होने की वजह से अन्य लोग वंचित रह सकते हैं।
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योजना -- तीन
-- इस साल शादी अनुदान के लिए जनपद में अल्पसंख्यक समाज से 800 से अधिक आवेदन आए थे, लेकिन 102 लोगों को ही इस योजना का लाभ मिल सका है। बाकी को बजट के अभाव की वजह से अभी इंतजार करना होगा। शादी अनुदान में प्रत्येक आवेदनकर्ता को 20-20 हजार रुपये दिया जाना है।
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योजना - चार
-- अल्पसंख्यक समाज के छात्रवृत्ति फार्म भरे गए हैं, लेकिन अभी तक ज्यादातर छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। इसके पीछे भी बजट का अभाव होना ही कारण बताया जा रहा है।
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मिलना चाहिए सभी को पूरा लाभ
सहारनपुर। जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलाना मौलवी फरीद का कहना है कि सरकार को पर्याप्त बजट का इंतजाम करना चाहिए। ताकि सभी लोग योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। श्री गुरु सिंह सभा के सीनियर एक्जीक्यूटिव सरदार दलजीत सिंह कोचर का कहना है कि सरकार ने योजनाएं तो अच्छी चलाई है, लेकिन बजट न होने की वजह से लोग इनका लाभ नहीं उठा पाते हैं। योजनाएं बनाते समय बजट का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। परचम संस्था की संस्थापक डॉ. कुदसिया अंजुम का कहना है कि कुछ ही लोगों को योजनाओं का लाभ मिलना अफसोसजनक है। योजनाओं का फायदा तभी है, जब सबको इसका लाभ मिले।
---- वर्जन -
पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए समय-समय पर विभाग की ओर से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। पात्र योजनाओं से लाभान्वित भी हुए हैं। प्रयास है कि सभी को लाभ मिले, लेकिन बजट न होने की वजह से योजनाओं के संचालन में कुछ दिक्कत आती है। -- भरत लाल गौड़, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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