- इसराइल- हमास, रूस-यूक्रेन के युद्ध का निर्यात पर विपरीत प्रभाव
- युद्ध के चलते अमेरिका और यूरोपीय देशों में बढ़ी मंहगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। रूस-यूक्रेन के बाद अब इसराइल-हमास युद्ध के चलते वुड कार्विंग उत्पादों का निर्यात लड़खड़ा गया है। युद्ध के कारण अमेरिका और यूरोपीय देशों में महंगाई बढ़ी है, जिससे नए निर्यात आर्डरों में न सिर्फ कमी आई है बल्कि निर्यातकों का दावा है कि करीब 60 फीसदी आर्डर होल्ड पर भी आ गए हैं।
जिले से विश्व के कई देशों में वुड कार्विंग उत्पादों का निर्यात होता है। करीब सौ वर्ष पुराने वुड कार्विंग का घरेलू और विदेशी कारोबार करीब 1400 से 1600 करोड़ रुपये का है। इसमें करीब 1200 करोड़ रुपये का विदेशी निर्यात है। लेकिन विश्व में चल रहे दो युद्धों का वुड कार्विंग उत्पादों के निर्यात पर विपरीत असर पड़ रहा है। यहां के वुड कार्विंग उत्पादों की सर्वाधिक मांग अमेरिका एवं यूरोपीय देशों में है लेकिन इन युद्धों के चलते पश्चिमी देशों में महंगाई बढ़ी है। इसका असर वुड कार्विंग उत्पादों के निर्यात पर पड़ रहा है।
निर्यातकों का कहना है कि इससे करीब 60 फीसदी निर्यात होल्ड पर चल रहे हैं और नए निर्यात ऑर्डर में भी कमी आई है। जिले से वुड काविंग उत्पादों का सबसे अधिक निर्यात पश्चिमी देशों में होता है। इसमें अमेरिका में 40 से 45 प्रतिशत, यूरोपीय देशों में 20 से 25 फीसदी और खाड़ी के देशों में 10 से 15 प्रतिशत निर्यात होता है।
- बोले निर्यातक
युद्ध के कारण यूरोप और अमेरिका में महंगाई बढ़ी है। इसके चलते न सिर्फ नए निर्यात आर्डर कम हुए हैं बल्कि पहले आए करीब 60 फीसदी ऑर्डर होल्ड पर हैं। वुड कार्विंग उत्पादों के अनिवार्य आवश्यकताओं में शामिल नहीं होने के चलते इसकी मांग में कमी आई है। - परविन्दर सिंह, निर्यातक
- महंगाई के चलते पश्चिमी देशाें के लोग क्रिसमस के लिए सिर्फ जरूरी चीजों को ही खरीद रहे हैं। इसलिए वहांं वुड कार्विंग उत्पादों की मांग घटी है। बड़ी संख्या में निर्यात ऑर्डर होल्ड पर होने के कारण कई उद्यमियों ने उत्पादन रोक दिया है। इससे कुशल हस्तशिल्पयों को भी अन्य क्षेत्रों में रोजगार तलाशना पड़ रहा है। - सोम गोयल, निर्यातक।
युद्ध के कारण यहां के कारोबार पर काफी प्रभाव पड़ा है। बड़े ऑर्डर होल्ड पर आ गए हैं और नए ऑर्डर भी नहीं मिल रहे, जिससे निर्यातकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही कुछ ऑर्डर मिल रहे हैं। - मयंक अग्रवाल, निर्यातक