फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Saharanpur: ऑनर किलिंग में हुई थी जियाउर्रहमान की हत्या, याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम निर्णय, पढ़ें खबर

Thu, 17 Apr 2025 06:37 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

एक युवती से प्रेम प्रसंग होने पर उसके परिजनों ने जियाउर्रहमान की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मामला गैर इरादतन हत्या में दर्ज हुआ था। अब सुप्रीम कोर्ट ने धारा 302 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इस मामले में युवती ने भी आत्महत्या कर ली थी। 
विज्ञापन
जियाउर्रहमान की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रामपुर मनिहारन थाना क्षेत्र के इस्लामनगर गांव में ढाई साल पहले हुए जियाउर्रहमान हत्याकांड के मामले में बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड को ऑनर किलिंग बताया। आदेश दिए कि यह मामला धारा-304 (गैर इरादतन हत्या ) की बजाय हत्या की धारा-302 में तब्दील कर दोबारा आरोप तय किए जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट को भी फटकार लगाई है।
विज्ञापन

 

याचिकाकर्ता अय्यूब अली ने ट्रायल कोर्ट में अपील दायर की थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि अय्यूब अली के बेटे जियाउर्रहमान पर उसकी प्रेमिका के रिश्तेदारों ने हमला कर दिया था, जिसमें जियाउर्रहमान की मौत हो गई थी। उसके बेटे की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह दूसरे समुदाय की लड़की से प्यार करता था। दलीलों के बावजूद ट्रायल कोर्ट ने केवल धारा 304 आईपीसी के तहत आरोप तय किए थे। हाईकोर्ट ने भी ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी।
 

बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य रिकॉर्ड में न्यूरल हेमेटोमा और अन्य घातक चोटों का उल्लेख है। इसे ऑनर किलिंग का स्पष्ट मामला बताते हुए पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट के आदेशों को खारिज कर दिया। 
आदेश दिया कि नए सिरे से 302 के तहत आरोप तय किए जाएं। उसी के अनुसार मुकदमा आगे बढ़ाया जाए। डीजीपी को निर्देश दिए कि दो माह के अंदर बंद लिफाफे में रिपोर्ट दी जाए।
 

यह था मामला
दो नवंबर 2022 को इस्लामनगर में कुछ लोगों ने जियाउर्रहमान से मारपीट कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने युवती पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। जियाउर्रहमान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उसके शरीर पर चोट के 14 निशान मिले थे। अधिक खून बहने के कारण मौत हुई थी।
इसी बीच आरोपी पक्ष की एक युवती ने भी आत्महत्या कर ली थी। युवती के परिजनों ने जियाउर्रहमान पर घर में घुसकर छेड़छाड़ और हत्या का आरोप लगाया था। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जियाउर्रहमान के परिजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर एसआईटी का गठन हुआ था, जिसकी जांच अभी चल रही है।
 
विज्ञापन

ये बोले एसपी सिटी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी बनी हुई है, जो गहनता से जांच कर रही है। जांच पूरी होने पर जल्दी ही रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
- व्योम बिंदल, एसपी सिटी
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें