दीवार के मलबे में गांव गाठेड़ा निवासी छात्रा हिमांशी कक्षा आठ साइकिल सहित दब गई। इसी दौरान वहां से गुजरा गांव फिरोजाबाद निवासी अलबशर कक्षा आठ भी दीवार के मलबे की चपेट में गया।
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आस पड़ोस के लोगों ने बच्चों के ऊपर से मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला। ईटों के मलबे में दबकर दोनों बच्चे चोटिल हो गए और उनकी साइकिलें भी टूट गईं।
दोनों बच्चों को कस्बे के निजी चिकित्सक के यहां लेजाया गया। छात्रा हिमांशी की टांग और हाथों पर गंभीर चोट लगी हैं, हिमांशी के हाथ और टांग पर कच्चा प्लास्टर किया गया है।
दोनों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। दस दिन पहले भी सुलतानपुर में एक जर्जर दीवार के गिरने से दो स्कूली बच्चे चोटिल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक जर्जर भवन मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।