नहर पटरी टूटने से बर्बाद हुई फसल
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उत्तर प्रदेश के देवबंद में रास्तम गांव में शुक्रवार की रात रुड़की लिंक नहर की पटरी टूटने से सैंकड़ों बीघा जमीन में खड़ी फसले जलमग्न हो गई। इतना ही नहीं एक डेरे में बैठी करीब 50 भेड भी पानी में बह गई। किसानों की सूचना पर शनिवार की सुबह पहुंचे नहरी विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंंचकर टूटे तटबंध को दुरूस्त कराने का काम आरंभ करा दिया।
रास्तम के किसान संजीव कुमार, अनिल कुमार, सुनील कुमार, प्रेम, प्रमोद, कुंता, बालकिशन, संजय और विवेक आदि ने बताया कि पिछले करीब एक पखवाड़े से बंद चल रही लिंक नहर में बृहस्पतिवार की सुबह ही पानी छोड़ा गया था। नहर के दोनों तरफ पटरी बनाने का काम चल रहा है। जो पिछले दो-तीन दिन से बंद पड़ा है।
शुक्रवार की रात्रि करीब तीन बजे नहर की पटरी अचानक टूट गई। जिससे आसपास के खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व गन्ना आदि फसले जलमग्न होने से बर्बाद हो गई। किसानों का आरोप है कि रात्रि तीन बजे से ही वह विभाग के अधिकारियों को फोन कर रहे हैं लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया। पानी का बहाव इतना तेज है कि सुनील के खेत में भेड़ वाले ने अपने डेरा लगा था जिसमें स्थित 50 भेड़ पानी में बह गई है।
भेड का मालिक अनिल धारियो बताया जा रहा है लेकिन वह भी मौके पर नहीं मिला। सुबह करीब 9.30 बजे सिंचाई विभाग के बेलदार अनिल कुमार व पतरोल बॉबी कुमार मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर पीडि़तों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
उधर, एसडीएम संजीव कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग के जेई समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। नहर का पानी बंद कराकर टूटी पटरी की मरम्मत का कार्य आरंभ करा दिया है।