सांसद गुरजीत सिंह औजला वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत जिले में पहुंचे। कहा कि दिल्ली में बैठा व्यक्ति तय कर रहा है कि किसका वोट कटेगा और किसका वोट बनेगा। यह वोट चोरी की सरकार है।
वोट बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस से अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला सहारनपुर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के जरिये सरकार बनाई जा रही है। यह लड़ाई पार्टी नहीं, आम आदमी के वोट के अधिकार को भी बचाए रखने की है। वोट चोरी के लिए पीलीभीत जैसा नया मॉडल अपनाया जा रहा है।
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सांसद गुरजीत सिंह औजला ने प्रेसवार्ता में कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी जब संसद में किसी मुद्दे को उठाते हैं, तो उनका माइक बंद कर दिया जाता है। पहले भाजपा सरकार ने वोटरों के नाम काटे। अब नया मॉडल अपनाया जा रहा है। 10 अप्रैल को एसआईआर के बाद मतदाता सूची जारी हुई थी। इसके बाद ईपीआईसी नंबर में दर्ज मतदाताओं के नामों को बदलने का खेल किया गया। यह खेल जुलाई से सितंबर के बीच हुआ।
पीलीभीत में 13 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम, पिता के नाम आदि में परिवर्तन कर दिया गया। ऐसे में जब मतदाता वोट डालने जाएगा तो मतदाता सूची में उसका नाम मेल नहीं खाएगा। मतदाता वोट नहीं डाल पाएगा। यह कोई छोटी गड़बड़ी नहीं है। सोच-समझकर उठाए गए कदम हैं। दिल्ली में बैठा व्यक्ति तय कर रहा है कि किसका वोट कटेगा और किसका वोट बनेगा।
उन्होंने एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली में आमजन से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। कहा कि यह वोट के अधिकार को बचाए रखने की लड़ाई है। इस दौरान जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा, एआईसीसी सदस्य मुजफ्फर चौधरी, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, नितिन शर्मा, राज्य प्रवक्ता अमरदीप जैन, हरिओम मिश्रा, जावेद साबरी आदि मौजूद रहे।
जिलेवासियों से की अपने ईपीआईसी नंबर जांचने की अपील
सांसद गुरजीत सिंह औजला और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद ने सहारनपुर के वोटरों से भी अपने-अपने ईपीआईसी नंबर में दर्ज जानकारी को जांचने की बात कही। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपनी वोट और जानकारी जरूर मिलाएं। यदि किसी के नाम, पते आदि में गड़बड़ है तो कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उसे ठीक कराने में मदद करेंगे।
पूर्व विधायक की पत्नी का नाम बदलने का आरोप
प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद ने पूर्व विधायक मसूद अख्तर की पत्नी का नाम बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग कह रहा है कि अनुवाद के चलते इस तरह की गड़बड़ी हुई है। उन्होंने इसे सोची-समझी रणनीति बताया। इसी तरह कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी ने भी अपने पिता के नाम में त्यागी की जगह शर्मा होने के बात कही।