नगर निगम एवं स्थानीय पंचायत से जारी होने वाले प्रमाणपत्र में भी मौत का कारण कोविड -19 नहीं दिखाया जा रहा है, जबकि मृतक का अंतिम संस्कार भी कोरोना प्रोटोकोल के अनुरूप हुआ है। उन्होंने दावा किया शहर के श्मशान घाटों में अप्रैल और मई माह में करीब 485 अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकोल से हुए, जबकि नगर निगम के द्वारा केवल मई माह में मात्र 91 कोरोना के मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
कब्रिस्तानों में कोरोना के तदफ़िन होने वालों के आंकडे और ज्यादा हैं। इसकी वजह से मृतक के परिजनों को बीमा एवं सरकारी घोषणाओं का लाभ लेने में बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 से होने वाली मौत में सरकारी अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप एवं मृत्यु प्रमाणपत्र में मृत्यु का कारण कोविड -19 अंकित करना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान हरपाल वर्मा, अनुज यादव, सुशील गुप्ता, गुलशेर आढ़ती, राकेश वर्मा, हाजी शमशेर, मुकेश मानकटाला आदि रहे।