शंकराचार्य सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी स्थित शंकराचार्य आश्रम में संभल हिंसा पर पूछे गए गए सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि संभल में मस्जिद सर्वे को लेकर जो लोग न्यायालय गए हैं, वे राजनीतिक नहीं हैं। इसलिए न्यायालय के आधार पर ही इस बारे में बात आगे बढ़नी चाहिए। या फिर दोनों समाज के लोग बैठकर बात करें, लेकिन वे लोग तैयार नहीं हैं। सबसे अच्छा तो यह है कि मुसलमानों के विद्वान लोगों का बोर्ड बना दिया जाए और और दोनों पक्ष अपने-अपने प्रमाण रखकर बातचीत करें।
दिखावा क्यों कर रहे हैं बागेश्वर बाबा, दलित कन्या से विवाह करके रोज भोजन खाएं
बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री के जात-पात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू भाई-भाई वाले बयान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दलित के घर जाकर दो रोटी का टुकड़ा खाकर फोटो खिंचवाकर और वीडियो बना लेना यह दिखावा ही तो है। वह दलित कन्या से विवाह करें। रोज खाना बनवाए और खाएं, तब हम जाने। केवल एक दिन जाकर दिखावा करने से कुछ नहीं होगा।