एंटी करप्शन की टीम ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता आशीष सक्सेना को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। वह नवनिर्मित मकान की सील खोलने की एवज में रिश्वत मांग रहा था। अवर अभियंता के खिलाफ थाना सदर बाजार में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता विनय कुमार छाबड़ा ने बताया कि नुमाइश कैंप स्थित सेतिया विहार में मोहित अरोड़ा ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृत कराकर निर्माण कार्य करा रहे हैं। मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य करने पर मकान मालिक से आठ व 29 अप्रैल को 25-25 हजार रुपये का शमन शुल्क लेकर जमा कराया गया। साथ ही सील लगा दी गई। दोबारा शमन मानचित्र जमा करते हुए सील खोलने की मांग की गई।
इस संबंध में सहारनपुर विकास प्राधिकरण सचिव ने अवर अभियंता से 29 अप्रैल को रिपोर्ट मांगी गई थी। आरोप है कि अवर अभियंता आशीष सक्सेना ने 30 अप्रैल को 20 हजार रुपये सुविधा शुल्क मांगा। इस पर शिकायतकर्ता विनय छाबड़ा ने चार मई को एंटी करप्शन में अवर अभियंता की शिकायत की।
एंटी करप्शन की टीम ने ट्रैप जाल बिछाया। शिकायतकर्ता को नोटों पर रंग लगाकर दिए। मंगलवार को टीम ने आईएमए भवन के पास अरोड़ा होम्योपैथिक स्टोर से अवर अभियंता आशीष सक्सेना को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया और अपने साथ थाना सदर बाजार ले गई। साक्ष्यों के आधार पर थाना सदर बाजार में आरोपी अवर अभियंता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
मूलरूप से प्रयागराज का रहने वाला है आरोपी
20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया आरोपी अवर अभियंता मूलरूप से प्रयागराज में मीरापुर थाना अतरसुइया का रहने वाला है, जो यहां गुरुद्वारा रोड पर रह रहा था। उसकी नियुक्ति 17 जून 1989 को हुई थी। बता दें, कि इससे पहले भी सहारनपुर विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं।
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