सर्किट हाउस में सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान सपा नेताओं ने एक-दूसरे पर खूब जुबानी हमले किए। देहात विधायक आशु मलिक और पूर्व सांसद फजलुर्रहमान स्थिति को संभालने की कोशिश करते दिखे।
समाजवादी पार्टी की सर्किट हाउस सभागार में बैठक और प्रेसवार्ता के दौरान हंगामा हो गया। पार्टी के पदाधिकारियों ने उपेक्षा और बात न रखने देने की बात कहकर एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा। पार्टी पदाधिकारियों के बीच हुई इस तू-तू, मैं-मैं को किसी तरह देहात विधायक आशु मलिक ने शांत कराया।
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सर्किट हाउस सभागार में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान से लेकर जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद आदि नेता संगठन की मजबूती और पार्टी लाइन को लेकर बात रख रहे थे। पार्टी की नीतियों पर चर्चा के दौरान कुछ पदाधिकारियों ने खुलकर अपना विरोध जताया।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य व वरिष्ठ नेता सलीम अख्तर ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर अनदेखी करने के आरोप लगाए। अन्य नेताओं ने शांत होने को कहा तो सलीम अख्तर बोले की यदि प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष अपनी बात नहीं रखेंगे तो कहां रखेंगे। एक मामला शांत हुआ था कि प्रदेश सचिव ममता चौधरी ने पार्टी में पीडीए की अनदेखी के आरोप लगाए। इस पर प्रदेश सचिव विजेंद्र विश्वकर्मा ने कहा कि पार्टी में सभी को साथ लेकर नहीं चला जा रहा है। दोनों ओर से पार्टी पदाधिकारियों में नोकझोंक शुरू हो गई। बोलने के लिए माइक न देने पर कई बार हंगााम हुआ।
हंगामा बढ़ता देख देहात विधायक आशु मलिक और पूर्व सांसद फजलुर्रहमान ने किसी तरह मामला संभाला। कहा कि पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता के सम्मान में कमी नहीं आने दी जाएगी। यदि किसी सदस्य को कोई शिकायत है तो वह अपनी बात लिखित रूप में पार्टी आलाकमान को दे सकता है।
प्रेसवार्ता में कार्तिकेय राणा कुर्सी न मिलने से हुए नाराज
प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल प्रेसवार्ता में भाजपा पर निशाना साध रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नौकरी का वादा किया था, जो कि पूरा नहीं किया। दो करोड़ नौकरी देने का वादा करने वाली पार्टी ने कितनी नौकरी दीं, इसकी जानकारी नहीं दी। गठबंधन को लेकर कहा कि हम इंडिया एलाइंस के साथ हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जो भी दिशा-निर्देश देंगे, उसके अनुसार काम किया जाएगा। इस दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र राणा के पुत्र और पार्टी के नेता कार्तिकेय राणा प्रेस कांफ्रेंस में पहुंचे। उन्हें बैठने के लिए उचित स्थान न मिलने पर वह नाराज होकर बाहर जाने लगे। इस पर पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान और विधायक आशु मलिक ने किसी तरह समझाया।
ये बोले जिलाध्यक्ष
इस प्रकरण में जिलाध्यक्ष अब्दुल वाहिद का कहना है कि बैठक के दौरान कुछ पदाधिकारियों ने अपनी नाराजगी जताई है। पार्टी में अनदेखी जैसा कुछ नहीं है। सभी एकजुट हैं और आने वाले चुनाव में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चुनाव लड़ा जाएगा।