सहारनपुर में बसपा का मजबूत गढ़ माना जाने वाले सहारनपुर में दलित मतों में केन्द्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह सेंधमारी की तैयारी में है।
सहारनपुर में रैली कर पश्चिमी यूपी में भाजपा अपने पक्ष में माहौल बनाने की हर संभव कोशिश करेगी और इसी हवा को वह पूरब तक ले जाना चाहेगी। 26 मई को आयोजित होने वाली पीएम नरेंद्र मोदी के विकास पर्व रैली में भाजपाइयों ने दलित मतदाताओं को रिझाना शुरू कर दिया है।
दरअसल, मिशन-2017 के लिए यूपी की जमीन मजबूत करने के इरादे से भाजपा अपनी सरकार की दूसरी वर्षगांठ सहारनपुर में मनाने की तैयारी में जुटी है।
सहारनपुर ना केवल बसपा का मजबूत गढ़ माना जाता है बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती दो बार सहारनपुर के हरौड़ा विधानसभा सीट से फतह हासिल कर चुकी है। उस वक्त सहारनपुर के चुनावी मैदान में मौजूदगी के पीछे दलित मतों को एकजुट करने की कवायद थी।
सबसे अहम बात यह है कि बसपा सुप्रीमो मायावती सहारनपुर से दो बार चुनाव जीतीं और दोनों ही बार वे प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं। ऐसे में यह माना जा सकता है कि सहारनपुर से दलित मतों को एकजुट कर सोशल इंजीनियरिंग के जरिए बसपा को यह सफलता मिली थी। ऐसे में अब भाजपा पीएम की रैली के जरिए दलित मतों की सेंधमारी की हर संभव कोशिश में है।