प्रॉपर्टी डीलर का काम करने वाले खुशहालीपुर निवासी अंकुश सैनी को जहरीला पदार्थ खाने पर उपचार के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है। युवक की मां ने कुछ लोगों द्वारा बंधक बनाकर मारपीट किए जाने से आहत होकर जहर खाने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस जांच में आया है कि दस लाख रुपये न दे पाने के मानसिक दबाव में युवक ने यह कदम उठाया है।
गांव खुशहालीपुर निवासी मेशो देवी ने बताया कि उनका बेटा अंकुश प्रॉपर्टी डीलर है। महिला के अनुसार, सोमवार को पैसों के लेन-देन को लेकर बादशाहपुर निवासी युवक ने उसके अंकुश को गांव में बुलाया। वहां उसके साथ चार अन्य लोग भी मौजूद थे। आरोप है कि अंकुश के साथ मारपीट की गई और उसे करीब चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।
महिला ने यह भी बताया कि उसके बेटे अंकुश की कनपटी पर रिवॉल्वर तानी गई और उससे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए। इससे क्षुब्ध होकर अंकुश ने जहर खा लिया। महिला का यह आरोप सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
उधर, सीओ बेहट प्रिया यादव ने बताया कि पुलिस जांच में पता चला है कि अंकुश ने वीर सिंह नामक व्यक्ति से एक जमीन का सौदा करके दस लाख रुपये लिए थे। सौदा पूरा न होने की स्थिति में वीर सिंह अपने पैसे वापस मांग रहे थे, जिसे लेकर दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता भी हुआ था। इसी विवाद और मानसिक दबाव के चलते अंकुश ने जहर खाया है। पुलिस ने ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी स्थिति सामान्य है।