हड़ताल के चलते हकीकत नगर स्थित बैंक पर लटका ताला।
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सहारनपुर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले बैंकिंग कर्मचारियों और अधिकारियों ने हड़ताल की। इस दौरान जिले की 276 बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा। ऐसे में करीब 500 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
शुक्रवार को यूनियन के पदाधिकारी दिल्ली रोड स्थित स्टेट बैंक पर एकत्रित हुए। पांच दिनी बैंकिंग व्यवस्था समेत अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान बैंकों में कोई कामकाज नहीं हुआ। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। यूनियन के जिला महामंत्री राजीव जैन और एसबीआईएसए के सहायक महासचिव नवनीत कुमार ने बताया कि वर्ष 2015 में हुए द्विपक्षीय समझौते में दूसरे और चौथे शनिवार का अवकाश निर्धारित किया गया था। अन्य शनिवार का अवकाश देने के संबंध में बाद में निर्णय लेने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद 11 वर्षों के आंदोलन के बाद भी पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग लंबित है।
वार्ता में सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट कार्य समय बढ़ाने और सभी शनिवार को अवकाश देने पर सहमति बनी थी। आरोप लगाया कि मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय स्तर पर लंबित है और निर्णय में लगातार देरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि हड़ताल में जिले की 276 शाखाएं शामिल रहीं। हर दिन करीब 500 करोड़ का लेनदेन होता है।
कई सरकारी और वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था है लागू
पीएनबीओए के मंडल सचिव राजीव माहेश्वरी और एसबीआईओए के क्षेत्रीय सचिव संजय कपूर ने बताया कि आरबीआई, बीमा, सेबी समेत कई सरकारी और वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है। ऐसे में बैंक कर्मचारियों के साथ अलग व्यवहार किया जाना अनुचित है।
एआईबीईए के सामान्य परिषद सदस्य राहुल कपिल और पीएनबीएसयू के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने बताया कि नवंबर 2023 में कार्य समय बढ़ाने पर सहमति बनने के बाद पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने में कोई अड़चन नहीं होनी चाहिए। एआईपीएनबीओए के मंडल सचिव अशोक कुमार ने अधिकारियों पर बढ़ते कार्य दबाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई बार छुट्टी के दिनों में भी अधिकारियों को बैंक बुलाया जाता है।
ये रहे मौजूद
इस दौरान अजय कर्णवाल, संजय शर्मा, आशीष शर्मा, अतुल चोपड़ा, राकेश राठौर, संजय कुमार, सोहन सिंह, अमित कुमार, निशांत शर्मा, दीपक कुमार, मुल्कीराज, नावेद अली खान, वीर कुमार जैन आदि मौजूद रहे।