डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विकसित करने में लगी निर्माणदायी संस्था के कर्मचारी दिन-रात ट्रैक बिछाने में लगे हुए थे। शुक्रवार रात्रि तीन बजे सरसावा रेलवे स्टेशन को पार करते हुए पिलखनी तक ट्रैक बिछाया गया।
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रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि अलग ट्रैक बिछने से अब मालगाड़ियों की गति में तेजी आएगी ही, माल के समय पर पहुंचने से रेलवे को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अलग रेलवे ट्रैक बिछाने का फायदा सवारी गाड़ियों को भी मिलेगा। पूर्व में सवारी गाड़ी के ट्रैक पर मालगाड़ी आ जाने के चलते गाड़ियों को स्टेशन पर रोक कर अन्य गाड़ियों को निकालने की व्यवस्था करनी पड़ती थी लेकिन, मालगाड़ी सिर्फ अपने ही ट्रैक पर चलेगी।