विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की दो दिवसीय बैठक के प्रथम दिन शूरा सदस्यों के समक्ष विभिन्न विभागों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जिस पर सदस्यों ने संतुष्टि जताई। इस दौरान शिक्षा के स्तर को ओर अधिक बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
बुधवार को दारुल उलूम के मेहमानखाने में आयोजित हुई बैठक में तंजीम-ओ-तरक्की, छात्रावास, निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागाध्यक्षों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश की। बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर भी विचार विमर्श किया गया। सभी प्रस्तावों पर बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में मुहर लगाई जाएगी।
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इसमें सदर मुदर्रिस मौलाना अरशद मदनी, दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी, सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल, जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी, मौलाना अब्दुल अलीम फारुकी, मौलाना हबीब बांदवी, मुफ्ती इस्माइल मालेगांव, मौलाना मलिक इब्राहीम मद्रासी, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी, अंजर हुसैन मियां साहब, मौलाना अब्दुल समद, हकीम कलीमुल्लाह, मौलाना महमूद राजस्थानी, मुफ्ती शफीक बैंगलूरु, मौलाना आकिर सहारनपुरी, मौलाना अनवार रहमान आदि मौजूद रहे।
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