सहारनपुर। अधिकारियों और ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने नगर निगम में जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान पहुुंचे एक्सईएन-निर्माण आलोक कुमार को पार्षदों ने उनकी गाड़ी से खींचकर बाहर निकाला और बंधक बनाकर धूप में बिठा लिया। इस दौरान कुछ पार्षदों के प्रतिनिधियों ने भी उनके साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की। बाद में पहुंचे नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह का घेराव कर उन्हें समस्याओं से अवगत कराते हुए निस्तारण की मांग की।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अनेक वार्डों के पार्षद नगर निगम पहुंचे। इनमें ज्यादातर भाजपा के पार्षद शामिल थे। उन्होंने नगर निगम प्रशासन और निर्माण विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नगरायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कुछ ही देर में एक्सईएन-निर्माण आलोक कुमार अपनी गाड़ी से नगर निगम परिसर पहुंचे। उन्हें देखकर पार्षदों का गुस्सा और बढ़ गया। पार्षदों ने उनकी गाड़ी के पास जाकर उन्हें गाड़ी से बाहर खींच लिया और उन्हें नगरायुक्त कार्यालय के बाहर धूप में बैठा लिया। पार्षदों ने एक्सईएन पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने तथा पार्षदों के फोन रिसीव न करने का आरोप लगाया। कुछ पार्षदों के साथ आए उनके प्रतिनिधियों ने भी एक्सईन के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की। पार्षदों ने एक्सईएन को करीब 20 मिनट तक बंधक बनाए रखा।
इसके बाद नगरायुक्त ज्ञानेंद्र पांडेय नगर निगम पहुंचे। फिर पार्षद एक्सईएन को छोड़कर नगरायुक्त कार्यालय में जा घुसे और नारेबाजी करते हुए उनका घेराव किया। नगरायुक्त कार्यालय में जगह कम होने की वजह से नगरायुक्त ने महापौर कार्यालय में पार्षदों की समस्याएं सुनीं। पार्षदों ने घंटाघर से कोर्ट रोड ओवरब्रिज तक बनाई जा रही सड़क और नाले का मामला उठाया।
आरोप लगाया कि नगर निगम के अधिकारियों और ठेकेदार की मनमानी की वजह से सड़क और नाले को ऊंचा उठा दिया गया है। इसकी वजह से व्यापारियों की करोड़ों रुपये की दुकानें नीचे चली गई हैं। उनके शटर बंद नहीं हो रहे हैं। ऐसे में व्यापारी भाजपा सरकार और पार्षदों को कोस रहे हैं। वार्ड संख्या 66 के पार्षद ने नगर निगम पर उनके वार्ड में कूड़ा डालने का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि उनके वार्ड में क्या इंसान नहीं बसते। उन्होंने कूड़ा हटवाने की मांग की। पार्षदों ने समस्याओं का समाधान न होने पर नगर निगम में तालाबंदी कर धरने पर बैठने की चेतावनी दी। वार्ड संख्या 24 से भाजपा पार्षद पुनीत चौहान ने नगरायुक्त को बताया कि कुछ लोग उन पर ठेकेदारों और नगर निगम से कमीशन लेने का आरोप लगा रहे हैं। उनके खिलाफ पर्चे बंटवाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया पर भी उनके विरुद्घ दुष्प्रचार किया जा रहा है, जबकि वह किसी की चाय तक पीने के कर्जदार नहीं हैं। उन्होंने दुष्प्रचार करने वालों पर मानहानि का केस दर्ज कराने की बात कही। बैठक में पार्षद पुनीत चौहान, संजय गर्ग, कलम सिंह धीमान, रमेश, अशोक, भगत, नेपाल सिंह, अभिषेक, हाजी खुशनुमा, हाजी गुलशेर, ज्योति अग्रवाल, अमित त्यागी आदि शामिल रहे।