सहारनपुर नगर निगम में लिपिक सुरेंद्र सिंह से मारपीट के विरोध में कर्मचारियों ने शनिवार को तालाबंदी कर हड़ताल कर दी। कर्मचारियों ने महापौर के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि नगर आयुक्त ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
सहारनपुर में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग के लिपिक सुरेंद्र सिंह के साथ मारपीट करने के विरोध में निगम कर्मचारियों ने शनिवार को तालाबंदी कर हड़ताल कर दी। नगर निगम में धरना देकर महापौर के खिलाफ नारेबाजी की गई। उधर, नगर आयुक्त ने तीन सदस्यीय जांच बिठा दी है।
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शुक्रवार की घटना के विरोध में शनिवार को नगर निगम के सभी कर्मचारी उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर इकट्ठा हुए। कुछ देर बार सफाईकर्मी भी पहुंच गए। कर्मचारियों ने नगर निगम के सभी कार्यालयों पर ताला जड़ते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। इसके बाद दरी और कुर्सियां डालकर निगम परिसर में बीचोंबीच बैठ गए। यहां माइक के द्वारा कर्मचारी नेताओं ने अपनी बात रखी और महापौर के रवैये को लेकर नाराजगी व्यक्त की।
शाम तक चले धरने में कर्मचारियों ने महापौर के खिलाफ नारेबाजी भी की। धरने के बाद कर्मचारियों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन भेजते हुए पूरे प्रकरण का जिक्र करते हुए कर्मचारी हितों की रक्षा करने की मांग की। इसके बाद नगर आयुक्त शिपू गिरि ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति में अपर नगर आयुक्त प्रथम प्रदीप कुमार यादव, एमएनएलपी सच्चिदानंद त्रिपाठी और अनुसूचित जाति से एक सदस्य कर अधीक्षक सुरेंद्र सिंह को शामिल किया है। समिति पूरे घटनाक्रम और कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।
उधर, दोपहर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिलाध्यक्ष सचिन कुमार अपने साथियों के साथ निगम पहुंचे और महापौर के खिलाफ नारेबाजी की। भीम आर्मी जय भीम संगठन ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और महापौर पर कार्रवाई की मांग की है। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है। लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के कर्मचारी नेताओं ने भी निगम के कर्मचारी नेताओं से संपर्क किया है।
नहीं पहुंचे महापौर और नगर आयुक्त
कर्मचारियों के धरने को देखते हुए नगर आयुक्त शिपू गिरि कार्यालय नहीं पहुंचे। महापौर भी नहीं आए। चूंकि दफ्तरों पर कर्मचारियों ने तालाबंदी कर दी थी। ऐसे में अपर नगर आयुक्त प्रथम सहित सभी अधिकारी निगम परिसर में बाहर ही कुर्सियां डाले बैठे नजर आए।
लिपिक अस्पताल में भर्ती, घर पर मेहमानों का जमावड़ा
लिपिक सुरेंद्र सिंह की हालत शुक्रवार की रात ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार की अपराह्न तीन बजे तक भी वह भर्ती ही थे। उधर, सुबह से रिश्तेदार उनके घर पहुंच रहे हैं। पत्नी और बच्चों के आंसू नहीं रुक रहे हैं। पड़ौसियों ने बताया कि पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है।
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार मिल रही थी। लिपिकों के द्वारा दलाल पाले हुए हैं, जो बाहर बैठकर आम नागरिकों से उगाही करते हैं। साथ ही प्रमाण पत्रों के लिए लोगों को कई महीने तक चक्कर लगवाते हैं। आमजन की पीड़ा को देखते हुए ही निरीक्षण किया गया था। लिपिक ने अपनी गलती मानने की बजाय उल्टा जवाब दिया, जिससे ऐसी परिस्थतियां बनी। -डॉ. अजय कुमार, महापौर।
निगम में शुक्रवार को जो हुआ उसे लेकर कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिनके द्वारा ज्ञापन दिया गया है। महापौर से भी बात हुई है। प्रकरण को लेकर तीन सदस्यों की जांच समिति बनाई गई है।- शिपू गिरि, नगर आयुक्त।