यूपी एटीएस, मध्य प्रदेश एटीएस और आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) की संयुक्त टीम ने 13 जून को सहारनपुर में छापा मारकर नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया था। संदिग्ध आतंकी को लेकर एटीएस नानौता पहुंची और काफी सामान जब्त कर किया।
मध्यप्रदेश एटीएस टीम रिमांड पर लिए गए संदिग्ध आतंकी नईम अब्दुल्ला को साथ लेकर सहारनपुर के नानौता पहुंची। स्थानीय पुलिस को लेकर डेढ़ घंटे तक उसका घर खंगाला। घर का नक्शा बनाने के साथ ही वहां मिले कुछ दस्तावेज और पुस्तकें टीम अपने साथ ले गई।
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टीम का नेतृत्व भोपाल एटीएस के इंस्पेक्टर अमरीश मिश्रा कर रहे थे। थाने से पुलिस बल को साथ लेकर टीम मोहल्ला अफगानान स्थित नईम अब्दुल्ला के घर पहुंची। कार से उतरकर टीम सीधे उसके कमरे में पहुंची। उस समय घर पर दो महिलाएं मौजूद थीं। करीब डेढ़ घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने कमरे की गहन तलाशी ली और वहां से कुछ पुस्तकें तथा दस्तावेज अपने अपने कब्जे में लिए। साथ ही पुलिस ने जांच के उद्देश्य से नईम के घर और उसके कमरे का नक्शा भी तैयार किया। अधिकारियों ने मौके पर कई तथ्यों और जानकारियों का सत्यापन भी किया।
एटीएस और पुलिस टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही घर के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। जांच के दौरान पूरे मोहल्ले में चर्चा और उत्सुकता का माहौल बना रहा, जबकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। इस पूरी जांच के दौरान नईम के चेहरे को कपड़े से पूरी तरह से लपेटा हुआ था। टीम ने किसी भी व्यक्ति को उसके घर में घुसने नहीं दिया। एटीएस इंस्पेक्टर बताया कि फिलहाल गहनता से जांच चल रही है।
ऐसे समझें मामला
13 जून को यूपी एटीएस, मध्य प्रदेश एटीएस और आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) की संयुक्त टीम ने मोहल्ला अफगानान स्थित नईम अब्दुल्ला के घर पर छापेमारी की थी। प्रारंभिक पूछताछ और जांच के बाद टीम नईम को अपने साथ ले गई थी। इसके बाद उसके मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कुछ दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। भोपाल में दर्ज देशद्रोह के मामले में नईम का नाम आया था, जिस पर पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में होने का संदेह जताया जा रहा है।
इसके बाद टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। 14 से 16 जून के बीच विभिन्न एजेंसियों द्वारा नईम अब्दुल्ला से लगातार पूछताछ की गई। इस दौरान उसके संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच की गई। मामले को लेकर नानौता तथा आसपास के क्षेत्रों में चर्चाओं का दौर जारी रहा, हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।