Saharanpur News: कलक्ट्रेट स्थित 100 साल से ज्यादा पुरानी मस्जिद को कोर्ट द्वारा अवैध करार देने पर ध्वस्त करा दिया गया। इसे लेकर सपा समेत विपक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। अब इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी हो रही है।
कलक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में आगे की रणनीति को लेकर मस्जिद कमेटी ने विचार विमर्श किया। हाईकोर्ट में रिट दाखिल करने के मामले में प्रबंधन पक्ष हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं का पैनल तैयार किया जा रहा है। आगामी एक-दो दिन में रिट दाखिल कर दी जाएगी।
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मस्जिद प्रबंधन कमेटी के अधिवक्ता बाबर वसीम ने बताया कि कलक्ट्रेट मस्जिद मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपनी बात को मजबूती से रखा जाएगा। साथ ही अतिरिक्त साक्ष्यों को भी अदालत के समक्ष रखने की तैयारी है। जल्दी ही रिट दाखिल की जाएगी। इसके लिए कमेटी प्रबंधन प्रयागराज हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं का पैनल तैयार कर रहा है। इसके साथ ही तमाम कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है।
बता दें, कि कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के खिलाफ पीपी एक्ट में 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया गया था। इसके बाद 16 जुलाई 2026 को फैसला मस्जिद पक्ष के खिलाफ आया। मस्जिद प्रबंधन पक्ष ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की थी, जिसे अदालत ने दो सितंबर को खारिज कर दिया था। इसके बाद पांच सितंबर को प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। इतनी कम अवधि में ध्वस्तीकरण पर मस्जिद प्रबंधन पक्ष के साथ विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं।
पूर्व सीएम ने साझा की तस्वीर, लिखा मस्जिद की घटना में पूरी दुनिया चर्चा का विषय
सपा प्रतिनिधिमंडल ने सर्किट हाउस सभागार में अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए प्रतिनिधिमंडल की तस्वीर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि सहारनपुर में मस्जिद गिराने की घटना अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है, इसीलिए इस घटना ने राज्य के स्तर से बहुत ऊपर उठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे देश की पंथ निरपेक्ष छवि को धूमिल किया है। प्रदेश की सांप्रदायिक भाजपा सरकार और कुछ सांप्रदायिक अधिकारी भी इस कुकृत्य में संलिप्त हैं। हमारी मांग है कि उन सब दोषियों की जानकारी निकाली जाए और अगर सरकार को इन अपराधियों की जानकारी न हो, तो हम उनके नामों का खुलासा करने में मदद करेंगे। प्रदेश की भाजपा सरकार जिस प्रकार जुल्म और नाइंसाफी पर उतारू है, उसकी वजह से देश की एकता और अखंडता को ठेस न पहुंचे, इसीलिए हम राष्ट्रपति को एक पत्र लिखकर ये दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कुकृत्य उनके संज्ञान में लाएंगे और उनसे कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की अपील करेंगे। कोई भी दोषी अगर आज बच भी गया तो कल नहीं बचेगा।
ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर 14 पुलिसकर्मी निलंबित
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने रात्रि गश्त, पिकेट तथा विशेष कानून एवं शांति व्यवस्था ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर 14 पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। एसएसपी ने बताया कि 5 उप निरीक्षक और 9 सिपाहियों को निलंबित किया गया है। इन सभी ने ड्यूटी में लापरवाही बरती। कानून एवं शांति व्यवस्था में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी पुलिसकर्मी सिविल लाइन, शहर कोतवाली में तैनात थे। बताते हैं कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस कर्मियों को रात में गश्त के लिए इधर-उधर तैनात किया गया था। रात में विवादित पोस्टर लगा दिए गए। सांसद हरेंद्र मलिक को सहारनपुर मस्जिद प्रकरण में एक प्रतिनिधिमंडल में सोमवार को शामिल होना था। उनकी निगरानी के लिए पुलिस कर्मियों की उनके घर पर ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बावजूद सांसद पुलिस कर्मियों को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए थे। संभवतः सभी पुलिसकर्मियों पर इन्हीं दोनों मामलों में कार्रवाई की गई है।
इन्हें किया निलंबित
शहर कोतवाली में तैनात दरोगा नितिन कुमार, यशपाल सिंह, सिविल लाइन थाने में तैनात दरोगा मुकुल कुशवाह, पंकज कुमार व एलआईयू में तैनात दरोगा राज कुमार व शहर कोतवाली में तैनात सिपाही नदीम, निशांत, दीपक, दिनेश व सिविल लाइन थाने में तैनात हर्षित, मोनू, महेंद्र, विवेक,विशाल प्रताप को निलंबित किया गया है।