एटीएस ने महानगर की कमेला और एकता कॉलोनी से दो रोहिंग्याओं को पकड़ा है। रविवार की रात लखनऊ और देवबंद की टीमाें ने कई जगह की छापे की कार्रवाई की है। आरोपियाें के खिलाफ कोतवाली मंडी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके बाद दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
सहारनपुर की कमेला और एकता कॉलोनी से पकड़े गए दोनों रोहिंग्या पिछले आठ वर्षों से सहारनपुर में रह रहे थे। इसकी भनक स्थानीय पुलिस और एलआईयू को नहीं लगी। एटीएस की कार्रवाई में आरोपी पकड़े गए।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
आरोपी यहां आठ वर्षों से रह रहे थे। इनके पास जो आधार कार्ड मिले हैं, शुरुआती जांच में उनके फर्जी होने की बातें सामने आई है। इसके अलावा मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं।
आरोपी इतने लंबे समय से सहारनपुर में रहते रहे और स्थानीय पुलिस एवं खुफिया विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं लगी। वहीं, एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा ने बताया कि एटीएस ने कार्रवाई की है। एटीएस की ओर ही रिपोर्ट दर्ज हुई है। स्थानीय स्तर पर भी जांच कराई जा रही है।
दोनों के प्लाट खरीदने की चर्चा, परिवार लाना चाहते थे यहां
आरोपी सहारनपुर में मकान बनाने की तैयारी कर रहे थे। चर्चा है कि आरोपियों ने यहां प्लाट भी खरीद लिए थे, जिस पर वह मकान बनाना चाहते थे। इसके बाद इनका प्लान परिवार को म्यांमार से सहारनपुर में लाकर बसाना था।
इनके देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त के बिंदु पर एटीएस जांच कर रही है। आरोपी तीन-तीन महीने के लिए गायब हो जाते थे। माना जा रहा है कि इस दौरान आरोपी म्यांमार में अपने घर चले जाते थे और फिर लौट आते थे।