परी और पलक जहां भर्ती है वहां पर केवल सात हजार रुपये ही जमा हुए हैं। अब तक इलाज में जो खर्च आया है, किसी तरह उसका बंदोबस्त कर पाए। रिश्तेदार और अन्य लोगों से सहयोग मांग रहे हैं।
अस्पताल का खर्च बढ़ रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि एकदम इतना खर्च कैसे उठाया जा सके। शक्ति ने बताया कि प्रशासन की तरफ से अभी उपचार के लिए आर्थिक तौर पर कोई सहयोग नहीं मिला है। भाई पर कर्ज भी अधिक है। उसे भी चुकाना है।
बता दें, कि नंदी फिरोजपुर गांव निवासी विकास, उसकी पत्नी रजनी, बेटी परी, पलक और बेटे विवेक ने सोमवार को हराेड़ा गांव के पास जहर निगल लिया था। इसमें रजनी और विवेक की मौत हो चुकी है। कर्ज के चलते उन्होंने यह कदम उठाया था।
अस्पताल में भर्ती दंपती व बच्चे
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