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Saharanpur: कर्ज से तंग परिवार के 5 सदस्यों ने निगला था जहर, उपचार कराना तक मुश्किल, प्रशासन ने भी हाथ खींचे

Thu, 16 Jan 2025 01:53 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

कर्ज से तंग आकर विकास ने पत्नी और तीन बच्चों के साथ जहर खाकर जाने देने का प्रयास किया। अस्पताल में पत्नी और बेटे की माैत हो गई लेकिन अब उसकी  और दो बेटियों की जिंदगी चंदे पर टिकी है।
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विकास व उसकी दोनों बेटियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कर्ज के जिस दलदल में फंसकर परिवार के पांच सदस्यों ने जहर निगला, अब उसी परिवार की जिंदगी चंदे पर आकर टिक गई है। पत्नी और बेटे की मौत हो चुकी है, जबकि अस्पताल में भर्ती परिवार का मुखिया विकास और उसकी दोनों बेटियां जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। इनका उपचार अलग-अलग निजी अस्पतालों में चंदे के भरोसे चल रहा है। प्रशासन की तरफ से इलाज के लिए आर्थिक तौर पर कोई मदद नहीं की गई।

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भाई शक्ति ने बताया कि विकास का उपचार दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में चल रहा है, जबकि बेटी परी व पलक बाजोरिया रोड के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। तीनों की हालत स्थिर है। जिस अस्पताल में भाई का इलाज चल रहा है वहां अभी तक केवल 20 हजार रुपये ही जमा करा पाए हैं।

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परी और पलक जहां भर्ती है वहां पर केवल सात हजार रुपये ही जमा हुए हैं। अब तक इलाज में जो खर्च आया है, किसी तरह उसका बंदोबस्त कर पाए। रिश्तेदार और अन्य लोगों से सहयोग मांग रहे हैं।

अस्पताल का खर्च बढ़ रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि एकदम इतना खर्च कैसे उठाया जा सके। शक्ति ने बताया कि प्रशासन की तरफ से अभी उपचार के लिए आर्थिक तौर पर कोई सहयोग नहीं मिला है। भाई पर कर्ज भी अधिक है। उसे भी चुकाना है।

बता दें, कि नंदी फिरोजपुर गांव निवासी विकास, उसकी पत्नी रजनी, बेटी परी, पलक और बेटे विवेक ने सोमवार को हराेड़ा गांव के पास जहर निगल लिया था। इसमें रजनी और विवेक की मौत हो चुकी है। कर्ज के चलते उन्होंने यह कदम उठाया था।
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अस्पताल में भर्ती दंपती व बच्चे - फोटो : अमर उजाला
कर्ज को लेकर रात में रोते थे दपंती
शक्ति ने बताया कि विकास और उसकी पत्नी रजनी पर सात से आठ फाइनेंस कंपनियों का कर्ज है। उन्होंने एलईडी, बाईक, वाॅशिंग मशीन आदि सामानों को फाइनेंस पर लिया था। कर्ज अधिक होने के चलते दंपती रात में रोते थे। वे काफी दिनों से परेशान भी थे। रोजाना कर्ज को लेकर बात करते थे। आखिरकार उन्होंने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने का प्रयास किया।



 
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