एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी ने स्वीकार किया है कि महिला के हाथों पर तेजाब की बूंदें खुद ही डाली गई थीं। इस मामले में उसके पति व ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस षड्यंत्र में गांव घान्नाखंडी निवासी अधिवक्ता तौफीक और उसका मुंशी मशरूफ भी शामिल रहा। इसके बाद पुलिस ने फरजंद, डॉ. बीडी शर्मा, अधिवक्ता और उसके मुंशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर फरजंद को जेल भेज दिया, पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
आरोपियों के फोन की घटनास्थल पर नहीं मिली थी लोकेशन
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि महिला फरियाल ने अपने पति शाहनवाज व सास-ससुर के खिलाफ तेजाब से झुलसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू कर आरोपियों की फोन कॉल डिटेल निकाली तो उनकी लोकेशन घटनास्थल की नहीं मिली। शाहनवाज ने पुलिस को बताया कि उनके ऊपर झूठा मामला दर्ज कराया है। घटना वाले दिन वह और उसके माता-पिता वहां नहीं थे। पुलिस ने सीसीटीवी की फुटेज भी देखी। एसपी सिटी ने बताया कि इसके बाद शाहनवाज की तहरीर पर फरजंद, अधिवक्ता, मुंशी व डॉ. बीडी शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
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आरोपों को बताया निराधार
डॉ. बीडी शर्मा कहना है कि उनके ऊपर लगे आरोप निराधार हैं। फरजंद को वह नहीं जानते हैं। महिला के मेडिकल में स्पष्ट नहीं हो पाया था कि उसके हाथ तेजाब से जले हैं या अन्य किसी चीज से। पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करे।