डम्पर ने पहले सडक किनारे बने यात्री भवन में टक्कर मारी और उसके बाद आगे चल रहे प्रेमचंद को कुचल दिया। प्रेमचंद बाइक सहित डम्पर के नीचे टायरों में फंस गया।
राहगीरों के शोर मचाने पर डम्पर चालक वाहन सडक पर छोडकर फरार हो गया। मौके पर ग्रामीणों की भीड लग गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची। भारी भरकम डम्पर के नीचे दबा प्रेमचंद काफी देर तक दर्द से छटपटाते हुए मदद की गुहार लगाता रहा, परंतु चाहकर भी कोई उसकी मदद नही कर पाया। कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
ग्रामीण एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। उनका कहना था कि अवैध खनन सामग्री से लदे ओवरलोड वाहन आए दिन दुर्घटना का कारण बन रहे है, इन पर रोक लगनी चाहिए। इसके बाद सीओ शशी प्रकाश शर्मा और तहसीलदार जसमिंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होने ग्रामीणों को प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। लगभग डेढ बजे प्रेमचंद के शव को डम्पर के नीचे से निकाला जा सका।