आंधी के कारण रविवार पूरी रात और सोमवार को दिन में बिजली न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली कर्मचारी दिनभर एक जगह से दूसरी जगह तार जोड़कर लाइन चालू करने के प्रयास में जुटे रहे।
सहारनपुर जिले में रविवार रात आए आंधी तूफान के चलते बिजली की लाइनें धराशायी हो गईं। कई जगहों पर पेड़ टूटकर लाइनों पर गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। रविवार आधी रात के बाद गुल हुई 100 से ज्यादा गांवों की बिजली सोमवार शाम तक बहाल नहीं हो सकी थी। बिजली कर्मचारी तारों पर गिरे पेड़ों को हटाने के साथ ही टूटी लाइनों को ठीक करने में जुटे थे। 18 घंटे तक आपूर्ति न होने से गर्मी में लोग परेशान हो उठे। सबसे ज्यादा दिक्कत पेयजल को लेकर आई।
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रामपुर मनिहारान क्षेत्र में तेज आंधी से कस्बे व देहात क्षेत्र में विद्युत लाइनों पर पेड़ टूटकर गिरने से विद्युत आपूर्ति पूरी रात ठप पड़ी रही। बारिश रुकने के बाद सुबह विद्युत कर्मचारियों द्वारा कस्बे की विद्युत आपूर्ति सुचारू कराई गई। वहीं देहात क्षेत्र के गांव घसौती, भांकला, इस्लामनगर फीडर से जुड़े दर्जन भर गांवों की बिजली रविवार की पूरी रात और सोमवार शाम तक बंद रही।
बड़गांव में देर रात तेज आंधी-तूफान के चलते गांव दल्हेड़ी में बिजली का पोल टूटकर नीचे गिर गया था। इसके चलते आधी रात से सोमवार सुबह 11 बजे तक गांव की आपूर्ति बंद पड़ी रही। गागलहेड़ी क्षेत्र में कस्बे सहित आसपास के आठ गांवों की आपूर्ति सोमवार शाम तक बंद पड़ी रही। तल्हेडी बुजुर्ग बिजलीघर से जुड़े दर्जन भर गांवों की बिजली आंधी के बाद गुल पड़ी है।
नानौता में देर रात अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश आने के कारण नगर क्षेत्र और आसपास के आठ गांवों की बिजली आपूर्ति पूर्ण रूप से बंद हो गई। सोमवार शाम आपूर्ति बहाल हो गई थी। देवबंद क्षेत्र में कई स्थानों पर खेतों में खड़े पोपलर के पेड़ टूटे मिले। रात से ही कई गांव की बत्ती गुल पड़ी है, जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम तक भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। आंधी के कारण अंबेहटा नगर की आपूर्ति 11 घंटे तक बंद पड़ी रही।
छुटमलपुर सहित क्षेत्र के 40 गांवों की आपूर्ति रात 12 बजे के बाद गुल हो गई थी। कस्बे की आपूर्ति तो सोमवार सुबह दस बजे चालू कर दी गई, लेकिन गांवों की लाइनों में ज्यादा नुकसान होने के कारण देर शाम तक भी कर्मचारी उन्हें ठीक करने में जुटे थे। शाम के वक्त इनमें से आधे गांवों की सप्लाई तो शुरू कर दी गई थी। जबकि बाकी की लाइनों को ठीक किया जा रहा था।