इस संबंध में मंडलायुक्त ने बताया कि शिकायत पर छापामारी की कार्रवाई की गई है। मौके पर दो व्यक्ति वसूली करते मिले थे जो फरार हो गए हैं। मौके पर मिली रसीद बुकों को जांच के लिए सील कर दिया गया है।
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जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी बाबूराम ने कहा कि जिला पंचायत के द्वारा निर्धारित शुल्क की रसीद बुकों के अतिरिक्त भी रसीद बुक पाई गई है, जो फर्जी प्रतीत होती है। जिला पंचायत द्वारा निर्देशित किया गया है कि लकड़ी वाहनों से टोल वसूली करने वाले व्यक्ति गले में पहचान पत्र लटका कर वसूली करेंगे। परंतु जो व्यक्ति मौके पर वसूली करते मिले थे वे अलग थे। एक मुख्य नियम ये है की अन्य जनपदों से आने वाले लकड़ी से भरे वाहनों से अभिवहन शुल्क नहीं वसूला जाएगा, लेकिन उनसे भी वसूली की जा रही थी। मंडलायुक्त ने ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।