शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच
यह मामला तब सामने आया जब बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने वर्ष 2024 में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण किया गया है। साथ ही परिसर में बने डाकघर और अन्य कमरों का किराया भी मस्जिद समिति की ओर से वसूला जाता रहा है।
शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई और 16 अप्रैल 2025 को नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया। मामला खसरा संख्या 539, पठानपुरा स्थित कलक्ट्रेट कचहरी परिसर की 315 वर्ग मीटर भूमि से संबंधित था।
अवैध मस्जिद पर नोटिस चस्पा करती टीम
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राजस्व अभिलेखों में सरकारी भूमि दर्ज मिली
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत राजस्व अभिलेखों में संबंधित भूमि कचहरी और कलक्ट्रेट परिसर के रूप में दर्ज पाई गई, जो राज्य सरकार में निहित है। प्रशासन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व अजय त्यागी, जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल विनय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश त्यागी ने पक्ष रखा।
अदालत ने सभी साक्ष्यों और तथ्यों पर विचार करने के बाद मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए 30 दिनों के भीतर हटाने तथा 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति जमा कराने का आदेश पारित किया।
मस्जिद पर चस्पा किया गया नोटिस
अदालती आदेश के बाद देर शाम प्रशासन की टीम ने मस्जिद पर नोटिस चस्पा कर दिया। वहीं, मस्जिद के मुतवल्ली तनवीर ने कहा कि उन्हें इस आदेश की जानकारी नहीं है।