कब्रिस्तान में बच्ची के शव की तलाश के लिए कई कब्रें खोदीं।
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नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले की जांच के लिए मंगलवार को उत्तराखंड पुलिस सहारनपुर पहुंची। करीब एक साल बाद थाना जनकपुरी क्षेत्र के गांव सड़क दूधली में गैस गोदाम स्थित कब्रिस्तान में छह माह की बच्ची के शव को डीएनए जांच के लिए तलाश किया। कब्रिस्तान में कब्र को खोदा गया, लेकिन छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी बच्ची का शव नहीं मिला। पुलिस टीम वापस लौट गई।
मामला थाना जनकपुरी क्षेत्र में सड़क दूधली निवासी अनस से जुड़ा है। आरोप है कि उसने उत्तराखंड के मंगलौर क्षेत्र की रहने वाली किशोरी को बहला-फुसलाकर सहारनपुर लाया। उसके साथ दुष्कर्म किया। परिजन किशोरी को अपने साथ ले गए थे। परिजनों के मुताबिक, कुछ समय बाद किशोरी दोबारा युवक के पास पहुंची। फिर दोनों ने निकाह कर लिया था। दिसंबर 2025 में अनस ने किशोरी को तलाक दे दिया।
इसी दौरान दोनों की एक बच्ची हुई, जिसकी कुछ दिन बाद ही मौत हो गई थी। किशोरी के परिजनों की शिकायत पर मंगलौर पुलिस ने अनस के खिलाफ पोक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। करीब चार माह पहले उसे पुलिस ने जेल भेज दिया था। पुलिस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।
अब विवेचना के दौरान अतिरिक्त वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस डॉक्टरों की टीम के साथ बच्ची का डीएनए लेने सहारनपुर पहुंची, जिससे यह पता चल सके कि बच्ची इन दोनों की है या नहीं। इसमें स्थानीय सदर तहसील टीम व जनकपुरी पुलिस की मदद ली गई। पुलिस को देखकर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने कब्रिस्तान में परिजनों की बताई कब्र को खुदवाया। उसमें बच्ची का शव नहीं मिला। इसके बाद पास ही दूसरी कब्र खोदी गई, लेकिन कब्रिस्तान में बच्ची का शव नहीं मिला। मंगलौर पुलिस बिना डीएनए सैंपल के ही वापस लौट गई।
ये बोले सीओ
मंगलौर पुलिस सड़क दूधली स्थित कब्रिस्तान में बच्ची के शव का डीएनए सैंपल लेने के लिए आई थी। इसमें सदर तहसील टीम व जनकपुरी पुलिस भी मौजूद थी। देर शाम तक कब्र में बच्ची का शव नहीं मिला था।
- मनोज कुमार यादव, सीओ द्वितीय
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