सड़क हादसों में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग सहित तीन मार्गों पर ऑटोमेटिक डिटेक्शन कैमरे लगाने की योजना तैयार कर ली गई है। तय गति से अधिक तेज वाहन चलाने वालों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। इसमें करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग सहित मुख्य सड़कों पर सड़क हादसे सबसे अधिक होते हैं। इनकी वजह तेज रफ्तार भी है। चालक कई बार बाइक और कार को काफी तेज गति से दौड़ाते हैं, जिससे वह न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान जोखिम में डाल देते हैं।
इसे देखते हुए जिले में रामपुर मनिहारान-नानौता, नागल-टपरी और बेहट-शाकुंभरी मार्ग पर ऑटोमैटिक डिटेक्शन कैमरे लगेंगे। इन तीनों जगहों का संभागीय परिवहन, यातायात और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मिलकर सर्वे किया था। करीब 1.50 करोड़ रुपये प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
आठ सीसीटीवी व इंटरनेट कनेक्शन
एआरटीओ प्रवर्तन एमपी सिंह का कहना है कि चिह्नित तीन जगहों पर आठ ऑटोमैटिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा रहेगी। उन्हें चलाने के लिए यूपीएस लगाया जाएगा। तेज रफ्तार में वाहन चलाने पर ऑटोमैटिक चालान कट जाएगा।