फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: एटीएस ने पूछताछ के बाद मुंतजिर को छोड़ा, अभी रहेगा निगरानी में, कॉल डिटेल से खुल सकते हैं बड़े राज

Mon, 08 May 2023 05:05 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर

सार

Saharanpur News : एटीएस की टीम ने पूछताछ के बाद मुंतजिर को छोड़ दिया है। हालांकि अभी वह निगरानी में रहेगा। माना जा रहा है कि उसके मोबाइल कॉल डिटेल से बड़े राज खुल सकते हैं।
विज्ञापन
UP ATS
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एटीएस ने पाॅपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े होने के शक के आधार पर सहारनपुर में नागल के गांव उमाही से पकड़े गए मुंतजिर को छोड़ दिया है, लेकिन वह पुलिस की निगरानी में रहेगा। एटीएस ने उसकी कॉल डिटेल भी खंगाली है। 

विज्ञापन


लखनऊ एटीएस की टीम ने देवबंद एटीएस की मदद से थाना नागल क्षेत्र के गांव उमाही निवासी मुंतजिर पुत्र शमशाद को शनिवार की रात उसके घर पर छापा मारकर पकड़ा था। मुंतजिर का मोबाइल फोन कब्जे में लिया था। एटीएस ने पीएफआई से जुड़े होने के संदेह के आधार पर मुंतजिर को हिरासत में लिया था। 

एटीएस ने पूछताछ के बाद सोमवार को मुंतजिर को छोड़ दिया है, लेकिन मुंतजिर फिलहाल पुलिस की निगरानी में रहेगा। मुंतजिर के पास से ऐसा अभी कोई साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे उसके पीएफआई से वर्तमान में जुड़े होने के सबूत मिल सके।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: UP: ATS ने मेरठ में छह घंटे की छानबीन, सपा नेता हिरासत में, ये इलाके रहते हैं निशाने पर

विज्ञापन

सूत्र बताते हैं कि हालांकि मुंतजिर ने एटीएस को पूछताछ में बताया कि वह एक बार पीएफआई के कार्यक्रम में शामिल हुआ था, लेकिन उसके बाद से उसका किसी से कोई संपर्क नहीं है। उसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की शाखा का कोषाध्यक्ष भी बनाया गया था। वर्तमान में मुंतजिर मजदूरी करता है। एटीएस उसकी कॉल डिटेल खंगाल रही है, जिसके आधार पर एटीएस कोई अहम जानकारी मिल सकती है। 

यह भी पढ़ें: Meerut News Live: मेरठ में रोड शो पर फूलों की बारिश, अखिलेश ने पूछा- पहलवानों को लेकर चुप क्यों भाजपा सरकारें?

दोबारा आ सकती है एटीएस 
पीएफआई ने पश्चिमी यूपी में अपना नेटवर्क खड़ा किया है, ऐसा एटीएस की जानकारी में सामने आया है। सूत्र बताते हैं कि एटीएस कई और लोगों को चिंहित करने में लगी है, जिनका पीएफआई से जुड़ा होने का संदेह है। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए लखनऊ एटीएस दोबारा सहारनपुर आ सकती है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें