आरोपी पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान जाकर आतंकी कमांडो की ट्रेनिंग लेना चाहता था। इसके बाद आरोपी भारत में बड़ी आतंकी वारदात करने की फिराक में था। इस जानकारी के बाद एटीएस ने उसे मुरादाबाद से उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया।
भारत में शरिया कानून लागू कराना था मकसद
एटीएस के अनुसार, आरोपी अहमद रजा के मोबाइल फोन में हथियारों की कई तस्वीरें मिली हैं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह आतंकी संगठनों से लंबे समय से संपर्क में था। आरोपी के फोन में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों से हुई बातचीत की चैट, हथियारों की फोटो, जेहादी वीडियो मिली हैं। आरोपी का मंसूबे थे कि हिंदुस्तान में शरिया कानून लागू कराए।
संगठन के फिरदौस के संपर्क में था आरोपी
आरोपी हिजबुल मुजाहिद्दीन पीर पंजाल तंजीम से जुड़े फिरदौस निवासी अनंतनाग जम्मू-कश्मीर के संपर्क में भी था। इसने फिरदौस के साथ कश्मीर में आतंकियों से ट्रेनिंग भी ली थी।
युवाओं को आतंकी संगठन से जोड़ना था मकसद
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकियों ने अहमद रजा उर्फ शाहरूख उर्फ मोहीद्दीन को ज्यादा से ज्यादा युवाओं को संगठन से जोड़ने की जिम्मेदारी दी थी। इनका का मकसद था किसी तरह भारत सरकार को हटाकर यहां शरिया कानून लागू कराएंगे और फिर इनका राज होगा। इसीलिए आरोपी भारत और सरकार के खिलाफ युवाओं को भड़काकर उनका ब्रेनवॉश भी करता था।
बद्री कमांडो बनना चाहता था आरोपी
आरोपी ने फिरदौस व पाकिस्तान के आतंकी हैंडलर के कहने पर दो बार श्रीनगर और अनंतनाग में हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी। अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए आरोपी आतंकी अहसान गाजी की मदद से अफगानिस्तान जाकर बद्री कमांडो बनना चाहता था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि भारत के संविधान और सरकार को नहीं मानता है।
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