मिट्टी की ढांग, जिसमें दबकर बच्चों की मौत हुई।
- फोटो : अमर उजाला
चिलकाना के संगमौर गांव के पास ईंट-भट्ठे पर खेलते समय मिट्टी की ढांग गिरने से पांच बच्चे नीचे दब गए। वहां काम कर रहे मजदूरों ने मिट्टी हटाकर बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दो की मौत हो गई थी। तीन को गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने बिना कानूनी कार्रवाई के शवों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
गमजदा परिजन व आसपास के लोग।
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हादसा मंगलवार दोपहर हुआ। संगमौर गांव के नजदीक ईंट-भट्ठा है। भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों के पांच बच्चे मिट्टी उठने से बनी खाई में खेल रहे थे। इसी दौरान ऊपर से मिट्टी की ढांग भरभराकर गिर गई। सभी बच्चे ढांग के नीचे दब गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद मजदूरों ने जैसे-तैसे कर मिट्टी हटाई और बच्चों को कड़ी मशक्कत कर बाहर निकाला।
हादसे में जावेद (8) पुत्र नसीम और अमिया (11) पुत्री हारून की मौके पर ही मौत हो गई। तीन अन्य बच्चों को गंभीर हालत में परिजन सहारनपुर के निजी अस्पताल में ले गए। वहां उनका उपचार चल रहा है। एएसपी एवं थानाध्यक्ष सिमरन सिंह का कहना है कि परिवार के लोगों ने आपसी सहमति कर ली है। इसलिए उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने से भी इंकार कर दिया है।
शामली में कांधला के रहने वाले हैं अधिकांश मजदूर
ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले अधिकांश मजदूर शामली जिले में कांधला के रहने वाले हैं। मजदूर परिवार के लोग अपने बच्चों के साथ पिछले करीब 10 साल से भट्ठे पर मजदूरी करते हुए यहीं पर रह रहे हैं। बरसात के दिनों में घर चले जाते हैं। दोनों मृत बच्चों को गांव संगमौर के ही कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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