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सपा से वफादारी का इनाम मिला

Sun, 01 Nov 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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एमएलसी साहब सिंह सैनी को कैबिनेट मंत्री का रुतबा मिलने से एक बार फिर पार्टी में उनकी धाक जम गई है। वेस्ट यूपी में सैनी वोट को साधने और बसपा के वोट बैंक में सेंध लगाने को साहब सिंह पर पार्टी ने दांव चला है। जिस तरह से अंतिम समय में साहब सिंह सैनी के नाम पर मुहर लगी है, इससे साफ है कि उनको पार्टी से वफादारी का इनाम दिया गया है।
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इससे पहले भी प्रदेश में सरकार बनने के बाद पहले कैबिनेट स्तर का दर्जा प्राप्त मंत्री बनाए गए थे और न्यायालय की सख्ती के बाद बत्ती हटी, लेकिन अगले ही कुछ महीनों में एमएलसी चयनित कर दिए गए। प्रतिद्वंद्वियों को दरकिनार कर कैबिनेट में जगह मिलने से साफ है कि आगामी विधानसभा चुनाव में इनकी भूमिका बढ़ेगी।

चौधरी यशपाल सिंह के सियासी पाठ सीखने वाले साहब सिंह सैनी कई साल पहले उत्तराखंड की राजनीति में खुद की पैठ बनाने में जुटे थे। इस बीच वर्ष 2012 से पहले की बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मसिंह सैनी से मुकाबले को तत्कालीन सपा नेता काजी रशीद मसूद ने साहब सिंह सैनी पर दांव चला।
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उत्तराखंड से सहारनपुर की सियासत में प्रवेश कराया और सैनी मतों को रिझाने के लिए साहब सिंह सैनी को बड़े कद के रुप में सामने लाए। इस बीच सियासत से करवट ली और शाही इमाम अहमद बुखारी के दामाद के टिकट के विरोध काजी रशीद मसूद ने सपा में विद्रोह किया और अपने पूरे खेमे के साथ पार्टी छोड़ने की चेतावनी दी।

रशीद मसूद ने विधानसभा चुनाव 2012 से ठीक पहले सपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामा, साहब सिंह सैनी ने सपा का साथ नहीं छोड़ा। तमाम दावों को धता बताते हुए रशीद मसूद से अलग उन्होंने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से नजदीकी कर सहारनपुर की सियासत की बागडोर थाम ली।

यही कारण है कि प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद साहब सिंह सैनी को बीज प्रमाणीकरण निगम का अध्यक्ष बनाकर दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इस पद के जाने के बाद एमएलसी बने।

सैनी वोट में सेंध की कवायद
पश्चिमी यूपी में सैनी वोट को रिझाने की कवायद हर पार्टी की ओर से की जाती रही है। इसकी कोशिश में सहारनपुर से विधायक डा. धर्मसिंह सैनी को बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया और अब विपक्ष में लोकलेखा समिति का चेयरमैन बनाकर सैनी वोट को साधने की पूरा दांव लगाया है। यही कारण है बसपा के इस सियासी गणित के मुकाबले सपा ने साहब सिंह सैनी को मैदान में उतार दिया है।
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