सहारनपुर में भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के भाई सचिन वालिया का 25 घंटे की गहमागहमी के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच बृहस्पतिवार दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया गया। समर्थकों ने सचिन वालिया अमर रहे के नारे भी लगाए। लगभग पांच घंटे तक सहारनपुर-बड़गांव मार्ग पर बल्लियां लगाकर सड़क पर ही लोग बैठे रहे।
अंतिम संस्कार के बाद भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने सभी को शांतिपूर्ण ढंग से घर भेज दिया। इसी बीच वहां पहुंचे कांग्रेस विधायक मसूद अख्तर और पूर्व विधायक इमरान मसूद को लौटा दिया गया। उधर, प्रशासन ने दो टूक कहा कि जांच पूरी होने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की बुधवार को दोपहर लगभग 12 बजे गोली लगने से मौत होने के बाद माहौल बिगड़ता नजर आया। बृहस्पतिवार को सुबह 8 बजे से ही ग्राम रामनगर में लोगों ने रास्ता जाम कर दिया और सड़क पर बैठ गए।
बृहस्पतिवार की सुबह पोस्टमार्टम होने के बाद सचिन वालिया का शव पूर्वाह्न 11 बजे रामनगर पहुंचा। शव के गांव में पहुंचने से पूर्व गांव में पुलिस, पीएसी, आरएएफ और आरआरएफ तैनात कर दी गई थी। पोस्टमार्टम हाउस से शव सबसे पहले सचिन वालिया के घर ले जाया गया।
जहां अंतिम दर्शनों के लिए लगभग 15 मिनट तक रखा गया। वहां से भीम आर्मी के नीले रंग के झंडे में लपेटकर शव रविदास मंदिर में ले जाया गया। जहां धार्मिक क्रिया करने के बाद लगभग 12 बजे श्मशान ले गए। शव के पीछे-पीछे सड़क पर बैठी अधिकांश भीड़ श्मशान पहुंच गई।
लगभग एक घंटे तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फिर से भीड़ सड़क पर बैठ गई। जिसे देख पुलिस और प्रशासन टेंशन में आ गया, लेकिन भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने सभी से शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने घर जाने की अपील की। दोपहर लगभग एक बजे रास्ता खोल दिया गया और लोग अपने-अपने घर चले गए। लोगों के जाने के बाद पुलिस एवं प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी
सचिन वालिया की मौत के मामले की जांच शुरू करा दी गई है। एफआईआर पहले ही दर्ज हो चुकी है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार निष्पक्ष रूप से कार्रवाई की जाएगी।
--बबलू कुमार, एसएसपी, सहारनपुर