टीपीनगर में आरटीओ कार्यालय के पीछे का वह भूखंड जो आवंटित कर दिया गया।
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सहारनपुर। देहरादून रोड स्थित टीपी नगर में विकास प्राधिकरण ने ऐसे भूखंडों का आवंटन कर दिया जो संभागीय परिवहन विभाग के लिए छोड़े गए थे और आरटीओ को इसकी भनक तक नहीं लगी। इन भूखंडों का प्रयोग वाहन चलाने के प्रशिक्षण केंद्र और फिटनेस परीक्षण जैैसे कार्यों के लिए प्रस्तावित था। आवंटन मामले में प्राधिकरण के अफसर तर्क दे रहे हैं कि परिवहन विभाग की ओर से कोई आपत्ति नहीं की गई। वहीं, परिवहन विभाग के अफसर अब तक इससे अनजान बने हुए हैं।
दरअसल, ट्रांसपोर्ट कारोबार को शहर से बाहर ले जाने के लिए टीपीनगर बसाया गया था। इसमें छोटे, मध्यम और बड़े स्तर के 2000 से अधिक भूखंड शामिल हैं। यहां ट्रांसपोर्टरों को उनकी जरूरत के हिसाब से भूखंड आवंटित किए गए। यह काम सहारनपुर विकास प्राधिकरण की ओर से किया गया। पूर्व में भूखंडों का आवंटन करते समय तत्कालीन कमिश्नर आरपी शुक्ला और अन्य अफसरों की मौजूदगी में आरटीओ दफ्तर के पीछे के भूखंडों को परिवहन विभाग के लिए छोड़ा गया था। यहां वाहन चलाने के प्रशिक्षण, फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए ट्रांसपोर्टरों के वाहनों को लाने सहित अन्य कार्य किए जाने थे।
आवंटन से पहले नहीं हो पाया विभागों का तालमेल
- इन भूखंडों को आवंटित किए जाने से पहले विकास प्राधिकरण और परिवहन विभाग के अफसरों के बीच तालमेल नहीं हो पाया। इसी का नतीजा रहा कि आरटीओ कार्यालय के बगल के ही भूखंडों का आवंटन हो गया और परिवहन विभाग को पता भी नहीं चला।
ये बोले विभागों के अफसर
- सहारनपुर विकास प्राधिकरण के कार्यवाहक सचिव डीपी सिंह का कहना है कि आरटीओ के पास स्थित भूखंडों को छोटा करके आवंटित किया गया है ताकि इसका बेहतर उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि आवंटन से पूर्व आरटीओ की ओर से किसी तरह की आपत्ति नहीं की गई। यदि आपत्ति होती तो इस पर विचार किया जा सकता था।
- संभागीय परिवहन अधिकारी केडी सिंह का कहना है कि उन्हें अभी यह जानकारी नहीं है कि ये भूखंड आवंटित हुए हैं। परिवहन विभाग को कुछ कार्यों के लिए भूखंडों को छोड़ने का प्रस्ताव पूर्व में तय किया गया था। इसलिए इस बारे में जानकारी लेकर प्राधिकरण के अफसरों से बात की जाएगी।
टीपी नगर में स्थित आरटीओ कार्यालय का गेट।- फोटो : SAHARANPUR