सहारनपुर। जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने हेल्पलाइन पर रोजेदारों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म में पूरे एक माह का रोजा रखना अनिवार्य है। इसका स्वरूप भी बहुत कठिन है। रोजा गुनाह करने से रोकता है।
सवाल:- मोहल्ला कुतुबशेर निवासी जकीउल्लाह ने पूछा कि वह शुगर के रोगी हैं। यदि वह रोजे की हालत में शुगर चेक करवाएं तो रोजे पर कोई असर तो नहीं आएगा।
जवाब:- जी नहीं, शरीयत के अनुसार अगर कोई व्यक्ति रोजे की हालत में शुगर चेक करवाता है, तो उससे रोजा नहीं टूटेगा।
सवाल:- मुजफ्फरनगर के मोहल्ला खालापार निवासी गोहर आलम ने मालूम किया कि क्या रोजे की हालत में होठ फटने पर वैसलीन लगा सकते हैं। इससे रोजा तो नहीं टूटेगा।
जवाब:- रोजे की हालत में होठों पर वैसलीन लगा सकते हैं, लेकिन इस बात का ख्याल रहे कि उसका अंश हलक में न उतरे।
सवाल:- मोहल्ला आली की चुंगी निवासी अबुर्रहमान सिद्दीकी ने पूछा कि आज जुमा है। जुमे वाले दिन स्नान कर सुरमा लगाना सुन्नत है। क्या रोजे की हालत में भी सुरमा लगाया जा सकता है।
जवाब:- रोजे की हालत में सुरमा या काजल लगाने से रोजा नहीं टूटेगा।
इन नंबरों कर सकते हैं शंका दूर
रोजेदार फोन नंबर 09897399207, 9557757705, 9368399214 पर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कॉल और व्हाटसएप कर शरीयत के अनुसार अपने सवालों के जवाब पूछ सकते हैं।