ट्रेन में हुई डकैती के मामले की जांच करते डीआईजी रेलवे।
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सहारनपुर में हिंडन केबिन के पास चेन पुलिंग कर मदुरई-देहरादून सुपरफास्ट ट्रेन में हुई डकैती के मामले में जीआरपी बदमाशों को नहीं पकड़ सकी है। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के उपमहानिरीक्षक और आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। उन्होंने माना कि ट्रेन में सुरक्षाकर्मी न होने के कारण बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।
डीआईजी रेलवे दिनेश पाल सिंह और आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट सी रघुवीर रविवार को सहारनपुर पहुंचे। पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर उन्होंने जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों के साथ बैठक की और मामले की विस्तार से जानकारी ली। उसके बाद डीआईजी एवं आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वारदात स्थल को संवेदनशील माना। उन्होंने यह भी माना कि सुरक्षाकर्मी न होने के कारण ही यह वारदात हुई है।
डीआईजी दिनेश पाल सिंह ने कहा कि बदमाशों को पता था कि सहारनपुर के बाद ट्रेन में सुरक्षाकर्मी नहीं है। इस कारण वारदात के लिए बदमाशों ने इस इलाके को चुना। उन्होंने बताया कि मौका मुआयना सेयह बात सामने आई है कि जिस स्थान पर वारदात को अंजाम दिया गया। बदमाशों के लिए यह सुरक्षित और आसान जोन था।
उन्होंने बताया कि इस घटना में कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। उम्मीद है कि शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- जीआरपी सीओ रामलखन मिश्रा ने बताया कि डीआईजी दिनेश पाल सिंह और आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट सी रघुवीर ने वारदात के खुलासे के लिए खुफिया विभाग के अलावा दो टीमें जीआरपी की और एक टीम आरपीएफ की बनाई है। जो सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं, उन पर पुलिस काम कर रही है। शीघ्र ही वारदात का खुलासा हो जाएगा।