सहारनपुर। ग्रामीण रूटों पर परिवहन निगम की मिनी बसें जल्द दौड़ती नजर आएंगी। इन बसों के संचालन को लेकर सहारनपुर डिपो ने 16 रूटों का चयन कर लिया है, जिसकी रिपोर्ट बनाकर क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को भेज दी है। मिनी बसें चलने से डग्गामारी पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। 50 किलोमीटर के दायरे में संचालन होगा।
सहारनपुर डिपो में 223 बसों का बेड़ा है। इनमें 186 परिवहन निगम और 37 अनुबंधित बसें शामिल हैं। इस डिपो की बसें देहरादून, दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश, लखनऊ, राजस्थान, अंबाला, लुधियाना, पटियाला, इटावा, अलीगढ़, आगरा आदि जगहों के लिए संचालित होती है। निगम को 60 मिनी बस मिलनी है। इसलिए पिछले दिनों क्षेत्रीय प्रबंधक ने सहारनपुर, छुटमलपुर, मुजफ्फरनगर और खतौली डिपो से मिनी बस संचालन के लिए रूट की जानकारी मांगी थी।
इसके बाद से सभी डिपो रूटों को चिह्नित करने में जुट गए थे। सहारनपुर ने जिले के 16 रूटों का चयन कर रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय को भेज दी है। चयन रूटों में सहारनपुर से नकुड़-गदरहेड़ी-झबीरन, गंगोह-रसूलपुर-नागल राजपुत, तल्हेड़ी-जटौल-मंझौल, देवबंद-जखवाला-जडौदा पांडा-अंबेहटा, नागल-चंदेना कोली-देवबंद, देवबंद-लखनौती-चिराऊ-जडौदा पांडा, तल्हेड़ी-खेड़ा मुगल आदि शामिल हैं।
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लोगों को मिलेगी राहत
ग्रामीण रूटों पर मिनी बसों के शुरू होने से लोगों को खासी राहत मिलेगी। अभी तक जिले के कई मार्ग ऐसे हैं, जहां पर रोडवेज बस नहीं चलती है। इन क्षेत्रों के लोग डग्गामार वाहनों के सहारे ही शहर आते-जाते हैं। डग्गामार वाहनों से हादसे का डर रहता है। क्योंकि इनमें सवारी क्षमता से अधिक बैठाई जाती है।
मिनी बस संचालन को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय से रूटों की जानकारी मांगी गई थी। हमने 16 रूटों का चयन किया है, जिन पर मिनी बस चलाई जा सकती है। चयन रूटों की रिपोर्ट बनाकर भेज दी है। - जोगेंद्र सिंह, एआरएम, सहारनपुर डिपो