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भोजन प्रकरण में मंडलायुक्त से मिले रालोद नेता

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स्टेडियम प्रकरण में कमिश्नर को ज्ञापन देने पहुंचे रालोद कार्यकर्ता - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। राष्ट्रीय लोकदल खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी चौधरी नीरपाल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में मंडलायुक्त डॉ. लोकेेश एम से मुलाकात की। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम सहारनपुर में बीते दिनों कबड्डी खिलाड़ियों के लिए भोजन शौचालय में रखने और अधपका भोजन परोसने का मामला उठाया।
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नीरपाल ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि स्टेडियम में बाहरी कोच सक्रिय हैं, जो युवकों को पुलिस और सेना की तैयारी कराने के लिए स्टेडियम का इस्तेमाल कर अपनी जेबें भर रहे हैं। कुछ ऐसे ही तथाकथित कोच युवाओं से लाखों रुपये लेकर सहारनपुर छोड़कर भाग चुके हैं। अब नए तथाकथित प्रशिक्षक स्टेडियम में सक्रिय हैं, जिनकी वजह से गरीब और ग्रामीण परिवेश के युवाओं को भ्रमित कर उनसे पैसा एेंठने का काम कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व अधिकारियों पर भी गड़बड़ियां करने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की। एक मौजूदा खेल अधिकारी पर भी भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने शामली के उधम सिंह स्टेडियम की दीवार टूटे होने और मुजफ्फरनगर के स्टेडियम में अनियमितताओं का आरोप भी लगाया। ज्ञापन देने वालों में चौधरी अर्जुन सिंह, चौधरी नरेंद्र सिरोही, चौधरी अरविंद मलिक, निकेत मलिक, आरती शर्मा, काजल राजपूत, कारी नौशाद, दिलशाद, रिंकू सोनकर, सुरेंद्र आदि शामिल रहे।
सांसद से निष्पक्ष जांच की मांग
सहारनपुर। भोजन शौचालय में रखने के मामले में युवा गुर्जर महासभा के पदाधिकारियों ने कैराना से भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने स्टेडियम में खिलाड़ियों का भोजन शौचालय में रखने के मामले को गंभीर बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कराने की मांग सांसद से की। प्रशासन द्वारा कराई जा रही जांच में निष्पक्षता बरतने की भी मांग की।
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युवा गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव लोकेश गुर्जर ने सांसद को बताया कि सहारनपुर के स्टेडियम में प्रदेश भर की खिलाड़ियों को हुई असुविधा जनपद के लिए शर्म की बात है और ऐसा खेल विभाग की लापरवाही के चलते हुआ है। वह बेहद निंदनीय है, जिसमें जिम्मेदार अधिकारियों पर और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शौचालय में भोजन रखने के दिन के बाद के दिनों की वीडियो सोशल मीडिया पर डलवाकर अव्यवस्था पर परदा डालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जो पहले दिन हुआ वह सबके सामने है और पूरे देश ने वह वीडियो देखी हैं। महासभा ने प्रशासन द्वारा कराई जा रही जांच में भी पूरी निष्पक्षता रखने की मांग की।
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