आधी रात को आया बाढ़ का पानी सुबह तक गया उतर
संवाद न्यूज एजेंसी
शाकंभरी। शिवालिक पहाड़ियों में हुई तेज बारिश के बाद घाड़ क्षेत्र की बरसाती नदियों में उफान आ गया। हालांकि बाढ़ का पानी रात्रि में आया और सुबह होने तक कम हो गया था। इस दौरान सिद्धपीठ में माता के दर्शन को पहुंचे वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अरुण कुमार को भूरा देव से सिद्धपीठ तक का रास्ता खराब होने के चलते इस दूरी को ट्रैक्टर पर सवार होकर तय करना पड़ा।
बृहस्पतिवार की रात्रि दो बजे सिद्धपीठ शाकंभरी देवी स्थित शाकंभरी खोल में अचानक बाढ़ आ गई। गनीमत रही कि बाढ़ का पानी सुबह पांच बजे तक कम हो गया। हालांकि फिर भी शाकंभरी चौकी पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए शुक्रवार को सिद्धपीठ को जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के वाहनों को भूरादेव पर ही रोक दिया गया था।सभी श्रद्धालु अपने वाहनों को भूरादेव पर छोड़ कर मां के दर्शनों को पैदल ही भवन तक गए।
बाढ़ आने से भूरादेव से सिद्धपीठ तक जाने वाला खोल का रास्ता भी उबड़ खाबड़ हो गया। इसके चलते मां के दर्शनों को पहुंचे वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार को भी अपनी गाड़ियों के काफिले को भूरादेव पर ही छोड़ कर ट्रैक्टर में सवार होना पड़ा। मिर्ज़ापुर के पास शाहपुर गाड़ा, बादशाही बाग नदी, जैतपुर कलां आदि नदियों में भी बाढ़ आ गई परंतु सुबह होने तक पानी कम हो गया था।