-सरकारी और निजी अस्पतालों में आने लगे हीट स्ट्रोक के मरीज
-धूप की तपिश और लू से लोगों की सेहत पर पड़ रहा सीधा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जिले में तापमान 40 के पार पहुंच चुका है। इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ना शुरू हो गया है। छोटी-मोटी समस्याओं के अलावा धूप की तपिश और लू के थपेड़ों ने हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। सरकारी और निजी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीज पहुंचने लगे हैं।
दरअसल तापमान 40 डिग्री या इससे ऊपर निकलते ही शरीर के लिए खतरा बन जाता है। इसमें बुखार, उल्टी, सिरदर्द, बेहोशी जैसी समस्याओं के साथ ही जान जाने का खतरा रहता है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि यदि तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाए तो शरीर को तापमान के अनुरूप ढालने में दिक्कत होती है। इसके चलते अधिक देर धूप में रहने के कारण हीट स्ट्रोक की आशंका रहती है।
लापरवाही बरतने पर यह जानलेवा तक हो सकता है। गर्मी के दुष्प्रभाव के रूप में मरीजों की संख्या अस्पताल में बढ़ गई है। एसबीडी जिला अस्पताल में 80 से 90 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें हीट स्ट्रोक के लक्षण मिल रहे हैं। पांच से छह मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है।
हीट स्ट्रोक के कारण
-तेज गर्मी का अहसास और बेचैनी
-अधिक तापमान के कारण बेहोशी छाना
-बार-बार प्यास लगना
-चेहरा लाल, सिरदर्द, जी मचलना और उल्टियां आना
-हीट स्ट्रोक में क्या करें
-दवा लेने के साथ ही आराम करें
-बुखार चाहे कितना भी तेज हो, पानी का सेवन कम न करें।
-रोगी के शरीर को ठंडी पट्टी रखकर ठंडक पहुंचाएं।
-मरीज होश में हैं तो तापमान कम करने के लिए नहलाएं।
-कमरे में पंखें, कूलर व एसी जो भी हो उसे चालू करें।
इन बातों का रखें ध्यान
-तेज धूप में निकलने पर छाता लगाएं।
-धूप कम होने पर शाम को घर से निकलें।
-कूलर, एसी से अचानक धूप में न जाएं।
-घर से निकलने से पहले पानी पी लें। साथ ही पानी लेकर भी चलें
-खाली पेट घर से न निकलें।
-नींबू की शिकंजी और प्याज का भरपूर सेवन करें।
ऐसे रखें ख्याल
-गर्मियों में आने वाले फलों में पानी की मात्रा खूब होती है, इसलिए इनका सेवन करें।
-दाल, चावल, सब्जी, रोटी जैसे सामान्य भोजन को ही प्राथमिकता दें।
-दिन में कम से कम चार से पांच लीटर पानी अवश्य पीएं।