संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। रिदम गुप्ता खेल जगत में जाना पहचाना नाम है। वह रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित हैं। जूडो में राष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं और ब्लैक बेल्ट हैं। रिदम अब जूडो की नई पौध को तैयार कर रहीं हैं। वह बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर भी सिखा रही हैं।
महानगर के मोरगंज निवासी रिदम गुप्ता में बचपन से ही जूडो के प्रति दीवानगी रही है। उन्होंने जूनियर से लेकर सीनियर प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। उनके पिता दीपक गुप्ता भी अंतरराष्ट्रीय जूडो रेफरी हैं। अपने पिता से ही रिदम को जूडो में कॅरिअर बनाने की प्रेरणा मिली। रिदम की माता डॉली गुप्ता शिक्षक हैं, जो महानगर के लॉर्ड महावीर अकादमी में पढ़ाती है।
रिदम गुप्ता ने लॉर्ड महावीरा एकेडमी से दसवीं की परीक्षा पास की है। वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान से 12वीं पास की। इसके बाद उन्होंने बीपीएड की डिग्री कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय से हासिल की। एमपीएड की डिग्री डीएवी विश्वविद्यालय जालंधर से प्राप्त की। रिदम जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी है। उन्हें 2016 में रानी लक्ष्मी बाई अवार्ड से नवाजा गया था। वह उस समय प्रदेश की सबसे युवा 16 वर्षीय खिलाड़ी थीं, जिन्होंने जूडो में ब्लैक बेल्ट हासिल की।
- जूडो की नई पौध कर रही तैयार
कई राष्ट्रीय पदक जीतने के बाद रिदम गुप्ता वर्तमान में जूडो की नई पौध को तैयार कर रहीं हैं। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय में 250 बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा शामली स्थित नवोदय विद्यालय की बालिकाओं को भी आत्मरक्षा के गुर सिखा चुकी हैंं। वह भारतीय नेत्रहीन विद्यालय के नेत्रहीन बालकों को भी प्रशिक्षण प्रदान कर चुकी है।
- आपमें भी है प्रतिभा तो करें संपर्क
यदि आपकी उम्र 25 वर्ष से कम है और आप कला, खेल, शिक्षा एवं तकनीक या अन्य किसी क्षेत्र में विलक्षण प्रतिभा रखते हैं तो अमर उजाला आपको हमारे सितारे कॉलम में स्थान देगा। इसके लिए आप संक्षिप्त जानकारी 7617707200 पर व्हाट्सएप पर कर सकते हैं। प्रकाशित के लिए चयन का अधिकार अमर उजाला का होगा।