हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद देते श्रीपाल राणा।स्रोत परिजन
नानौता। दहेज को अभिशाप बताते हुए नानौता के गांव भाबसी रायपुर निवासी विकास राणा ने दहेज में मिले 31 लाख रुपये लौटाते हुए एक रुपया तथा नारियल लेकर समाज में मिसाल पेश की है।
कैराना लोकसभा से बसपा से चुनाव लड़ चुके नानौता क्षेत्र के गांव भाबसी रायपुर निवासी श्रीपाल राणा के पुत्र एडवोकेट विकास राणा की शादी हरियाणा के लुक्खी गांव निवासी अग्रिका तंवर के साथ हुई। कुरुक्षेत्र के एक होटल में आयोजित शादी समारोह में टीके पर दुल्हन के परिजनों द्वारा दूल्हे को 31 लाख रुपये शगुन के तौर पर दिए, लेकिन दूल्हे के परिजनों ने समाज को संदेश देते हुए दहेज को सामाजिक बुराई बताया और रकम वापस लौटा दी। श्रीपाल राणा ने बताया कि उनका बेटा विकास राणा कर्नाटक हाईकोर्ट में वकालत करता है, जबकि पुत्रवधू अग्रिका तंवर पोस्ट ग्रेजुएट है।
विकास राणा की इस पहल पर पूर्व डीसीडीएफ चेयरमैन कृष्ण कुमार पुंडीर, राजपूत सभा नानौता के पूर्व अध्यक्ष रामभूल सिंह पुंडीर, पूर्व प्रधानाचार्य नेत्रपाल सिंह चौहान, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह राणा, राकेश पुंडीर, चीनी मिल डायरेक्टर संजयवीर राणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज राणा, हितेंद्र राणा, गोपाल राणा ने प्रशंसा करते हुए युवाओं के लिए प्रेरणा बताया।