फाइल फोटो- डॉ. प्रेमचंद गुप्ता
सहारनपुर। शहर की पंतनगर कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक प्रेमचंद गुप्ता (80) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि बेटे के ससुरालियों ने आकर हाथापाई की, जिसके कुछ देर बाद ही मौत हो गई। वहीं, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक आया है।
मूलरूप से बागपत जिले के बड़ौत निवासी सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक प्रेमचंद गुप्ता पिछले कई साल से शहर की पंतनगर कॉलोनी में रहते थे। उनके भाई डॉ. दिनेश बंसल ने बताया कि डॉ. प्रेमचंद गुप्ता का बेटे परम के ससुरालियों के साथ विवाद चल रहा है। बेटा परम नशे का आदी है, जो कई माह से नशामुक्ति केंद्र में भर्ती है। आरोप है कि सोमवार दोपहर बाद बेटे के ससुराल पक्ष के लोग घर पहुंचे, जिन्होंने फैसले के नाम पर 25 लाख रुपये की मांग की।
उस समय घर पर डॉ. प्रेमचंद गुप्ता, उनकी पत्नी और बेटी वृतिका थी। बेटी ने आरोप लगाया कि उनके पिता के साथ हाथापाई की गई। वह मदद के लिए घर से बाहर जाकर चिल्लाई। जब वह वापस घर के अंदर आई तो सभी वहां से बाहर की तरफ निकल रहे थे और अंदर उनके पिता अचेत अवस्था में पड़े थे। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मंगलवार सुबह सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस पर तहरीर नहीं लेने का आरोप
इस मामले में डॉ. प्रेमचंद गुप्ता के भतीजे वरुण बंसल की तरफ से तहरीर लिखी गई, जिसके बाद परिजनों के साथ सदर थाने में तहरीर देने पहुंचे। डॉ. दिनेश बंसल ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को रफा-दफा करना चाहती है। इस वजह ने उनकी तहरीर नहीं ली गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक आया है। इस पर डॉ. दिनेश बंसल का आरोप है कि उनके भाई पूरी तरह स्वस्थ थे। उनके साथ हाथापाई हुई है। दहशत के कारण हार्ट अटैक आया तो पुलिस कार्रवाई से क्यों पीछे हट रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक आया है। हालांकि परिजनों की तरफ से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
- मनोज कुमार, सीओ
फाइल फोटो- डॉ. प्रेमचंद गुप्ता