सहारनपुर। साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त शिक्षक नोमाद अहमद को करोड़पति बनने का सपना दिखाकर 55.72 लाख रुपये की ठगी कर ली। रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर हुई। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
थाना कुतुबशेर क्षेत्र के चौक बाजदाराज निवासी नोमाद अहमद ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं। फेसबुक और यू-ट्यूब पर उन्हें इनफोसिस चेयरमैन नारायण मूर्ति और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण दिखाए गए। वीडियो में क्वांटम एआई नामक प्लेटफार्म का हवाला दिया गया, जिसमें बताया गया कि इस पर निवेश करने से कम समय में बड़ा मुनाफा होता है। इसके बाद पीड़ित सेवानिवृत्त शिक्षक ने इस प्लेटफार्म पर रजिस्ट्रेशन कर दिया। उन्हें Fexcapital.com का ट्रेडिंग सदस्य बना दिया। कंपनी की तरफ से बार-बार रकम डालने को कहा गया।
पीड़ित ने किस्तों में रकम जमा की। कुछ समय बाद पता चला कि यह पूरा प्लेटफॉर्म फर्जी है। रुपये सीधे साइबर ठगों के खाते में जा रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि एक्सिस और आईसीआईसीआई बैंक खाते से कई किस्तों में ट्रांजक्शन की। इसी दौरान डेबिट कार्ड से 89,689.13 रुपये की कई किस्तों में भुगतान किया। पीड़ित ने बताया कि 15 अप्रैल 2025 को पांच लाख रुपये का आरटीजीएस, 23 अप्रैल 2025 को 20 लाख रुपये एसटीएस ट्रेडर्स के खाते में ट्रांसफर किए। इस तरह 55.72 लाख रुपये की ठगी हुई। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस पूरे मामले की जांच निरीक्षक प्रमोद कुमार करेंगे।
साइबर ठगी से बचाव के तरीके
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
- अनजान नंबर या ईमेल से आए लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी भी अनजान वेबसाइट पर अपनी जानकारी न भरें।
- ओटीपी और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
- बैंक, संस्था के नाम पर कॉल कर ओटीपी, पासवर्ड मांगे तो बिल्कुल न दें।
- मुनाफा का लालच दे रहा है तो उसकी पहले जांच पड़ताल करें।
- मजबूत पासवर्ड बनाएं।
- हर खाते के लिए अलग पासवर्ड रखें। समय-समय पर बदलते रहें।
- सार्वजनिक वाईफाई का उपयोग करते समय बैंकिंग का काम न करें।
- सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें।
- जन्मतिथि, फोन नंबर, पता जैसी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
- ऐसे ईमेल जिनमें इनाम, लॉटरी या नौकरी के झूठे वादे हों, इनसे बचें।
- बैंक स्टेटमेंट और ट्रांजेक्शन की निगरानी करें।
- ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।