छुटमलपुर। नगर पंचायत के ईओ ने आदेश जारी कर चेयरपर्सन शमा परवीन के प्रतिनिधि एवं देवर मोनू मिर्जा तथा अन्य रिश्तेदारों पर कर्मचारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए उनके कार्यालय में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। इसके प्रतिउत्तर में चेयरपर्सन ने कर्मचारियों की बैठक लेकर कोई दबाव न होने की वीडियो जारी की है।
नगर पंचायत छुटमलपुर में सब कुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। पिछले दिनों नगर पंचायत के 13 सभासदों ने मंडलायुक्त से मिलकर अधिशासी अधिकारी और चेयरपर्सन पर गंभीर वित्तीय अनियमितता बरते जाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद अब अधिशासी अधिकारी कमलाकांत राजवंशी ने 16 जून को कार्यालय आदेश जारी कर बताया कि चेयरमैन के देवर मोनू मिर्जा और रिश्तेदार अब्दुल राजिक नगर पंचायत कार्यालय आते हैं।
वह कर्मचारियों पर दबाव बनाकर कार्यालय से संबंधित जांच आख्या दिखाने का दबाव बनाते हैं। न दिखाने पर कर्मचारियों को धमकाया जाता है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने इसकी लिखित शिकायत उन्हें की है। ऐसे ईओ ने नगर पंचायत परिसर और पंचायत के कार्यों में उक्त लाेगों के हस्तक्षेप को प्रतिबंधित करते हुए आदेश जारी किया है।
आदेश के जारी होने के बाद मंगलवार को चेयरपर्सन शमा परवीन ने सभी कर्मचारियों को कार्यालय में बुलाकर उक्त आरोपों का खंडन करता वीडियो जारी किया है। शमा परवीन का कहना है कि ईओ के सभी आरोप गलत है।
उधर, छुटमलपुर में देर शाम चेयरपर्सन शमा परवीन ने भी कार्यालय आदेश जारी करते हुए बताया कि गत दिवस ईओ द्वारा उनके प्रतिनिधि मोनू मिर्जा और ठेकेदार अब्दुल राजिक पर लगाए गए आरोप जांच में निराधार मिले हैं। अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत में हठधर्मिता चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईओ चेयरमैन के परिजनों और समर्थकों को बदनाम कर रहे हैं। उधर ईओ ने इन आरोपों को गलत बताया है।