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ध्वस्तीकरण का विरोध, अभियंता से मारपीट

Thu, 14 Jan 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहरनपुर
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शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर टपरी रोड पर स्थित दो कॉलोनियों में अवैध निर्माण को गिराने पहुंची विकास प्राधिकरण की टीम को बुधवार विरोध का सामना करना पड़ा। मुजम्मिल कॉलोनी में जैसे ही जेसीबी मशीनें चलाई गई तो स्थानीय नेताओं के संरक्षण में जुटे क्षेत्र के लोगों ने विरोध किया।
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भीड़ ने एसडीए के अफसरों को घेर लिया। कुछ देर के लिए उन्हें बंधक बना लिया गया। प्राधिकरण के सहायक अभियंता के साथ मारपीट भी हुई। साथ में पहुंची पुलिस ने किसी तरह टीम को यहां से निकाला। इसके चलते पास की एक अन्य कॉलोनी का ध्वस्तीकरण ही नहीं हो सका। बाद में लोगों ने शेखपुरा पुलिस चौकी पर भी रोष जताया।

प्राधिकरण से जुड़े सूत्रों के अनुसार टपरी रोड पर कुछ स्थानीय नेताओं के संरक्षण में दो कालोनियों का अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा है। एसडीए ने इन कालोनियों के लिए लेआउट पास कराने और कंपाउंड शुल्क आदि की प्रक्रिया पूरी करने को नोटिस जारी किए थे।
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एसडीए के दावे के मुताबिक नक्शा पास कराने के मानकों का उल्लंघन होने पर ही दोनों कॉलोनियों में अवैध निर्माण ध्वस्त कराने के आदेश जारी किए गए। इसके तहत ही बुधवार को एसडीए के सचिव एसपी शर्मा, लेखा एवं वित्त अधिकारी विजय शुक्ला, सहायक अभियंता आरके सिंह, अवर अभियंता अनिल कुमार माथुर समेत अन्य सदस्यों की टीम सुबह साढ़े दस बजे दो जेसीबी मशीनों के साथ पहुंची।

देहात कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा चौकी इंचार्ज राजीव कुमार के साथ पुलिस टीम भी गई। इस टीम ने जैसे ही यहां मुजम्मिल कॉलोनी में जेसीबी से अवैध निर्माण ध्वस्त करने शुरू किए तो शेखपुरा कदीम और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।

शेखपुरा चौकी पर भी काफी हुआ हंगामा ः अवैध निर्माण पर कड़े विरोध के साथ ही प्राधिकरण के कर्मचारी और क्षेत्र के लोग बाद में देहात कोतवाली की शेखुपरा चौकी पर पहुंचे। यहां दोनों पक्षों की ओर से काफी देर तक हंगामा होता रहा।

प्राधिकरण वाले सरकारी काम में बाधा पहुंचने और मारपीट का आरोप लगाते रहे तो क्षेत्र के लोग टीम पर मनमानी का आरोप रहे। बाद में देहात कोतवाली प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने दोनों पक्षों का शांत किया। प्रभारी ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से ध्वस्तीकरण के आदेश पर ही पुलिस साथ गई थी।

अवैध वसूली के चक्कर में बनने से पहले ही उजाड़े गए आशियाने ःटपरी रोड पर के कालोनाइजर मुजम्मिल, रवि और पूर्व ब्लॉक प्रमुख जुल्फीकार ने आरोप लगाया कि कालोनियों में अभी कोई बड़ा निर्माण नहीं हुआ है। कुछ दुकानें ही बनी थी। निर्माण से जुड़े नियम कायदों के लिए सचिव, सहायक अभियंता और उपाध्यक्ष से बातचीत की गई थी।

उन्होंने कहा कि पहले तो यही समझते रहे कि यह क्षेत्र प्राधिकरण से बाहर हैं लेकिन बाद में पता चला तो नियमों के नाम पर सिर्फ भटकाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्वस्तीकरण के नाम पर प्राधिकरण की टीम लाखों की वसूली करने की कोशिश में थी। कुछ पैसे तो पूर्व में दिए भी गए।

अफसरों से भिड़ गए क्षेत्रवासी
टपरी रोड पर मुजम्मिल कालोनी के अवैध निर्माणों पर जेसीबी चलाते ही कॉलोनाइजर मुजम्मिल, देवेंद्र और रवि के समर्थन में आई भीड़ ने प्राधिकरण के अफसरों को घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी रोड पर दूसरे अवैध निर्माणों को तो छोड़ा जा रहा है।

कुछ लोगों ने उसे प्राधिकरण क्षेत्र से बाहर बताया। कॉलोनी में बनी चार दुकानों और बुनियादों को जब जेसीबी गिराने लगी तो यहां के लोगों ने सचिव, सहायक अभियंता को घेर लिया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख जुल्फीकार सहित अन्य नेताओं के संरक्षण में भीड़ ने हंगामा किया।

पुलिस की मौजूदगी में विरोध के बीच मुजम्मिल कॉलोनी में तो चार दुकानें और अन्य भूखंडों की बुनियादें उखाड़ दी गईं। इसी बीच, प्राधिकरण की टीम जब पास की ही दूसरी कॉलोनी में ध्वस्तीकरण की तैयारी करने लगी तो अधिकारियों को बीच में ही घेर लिया गया।

सचिव और सहायक अभियंता गाड़ी में बैठने लगे तो उनके साथ धक्का मुक्की हुई। एई के साथ तो मारपीट भी हुई। पुलिस ने बमुश्किल हालात को संभाला। वहां कड़े विरोध को देखते हुए टीम एक ही कॉलोनी को ध्वस्त करके लौट आई।

नहीं रुकेगी कार्रवाई : वीसी
एसडीए के उपाध्यक्ष वेदप्रकाश सिंह और सचिव एसपी शर्मा ने बताया कि टपरी रोड पर दो कॉलोनियों के निर्माण शुरू होने के समय से ही मानचित्र संबंधी नियम पूरे करने को कहा गया था लेकिन नोटिस जारी होने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया।

इसके चलते ध्वस्तीकरण के नोटिस दिए गए। वहां टीम पहुंची तो काफी विरोध हुआ। किसी से मारपीट की सूचना उनके पास नहीं है। अभी क्षेत्रवासियों के खिलाफ पुलिस में कोई रिपोर्ट तो नहीं दी गई है लेकिन यदि आगे भी अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण का विरोध किया जाता है या दबाव बनाया जाता है तो इन सबके बावजूद कार्रवाई की जाएगी। इस मामले से कमिश्नर को भी अवगत कराया जाएगा।

शिकायत पर होगी कानूनी कार्रवाई
देहात कोतवाली प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने कहा कि इस मामले में किसी भी पक्ष की तहरीर नहीं मिली है। यदि प्राधिकरण या कॉलोनाइजर की ओर से कोई शिकायत की जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। उधर, कॉलोनाइजर कह रहे हैं कि कोतवाली में शिकायत से पहले प्राधिकरण के अफसरों से मिलकर ही समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
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