भाजपा में जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
सहारनपुर। पहली बार पंचायत चुनाव मैदान में उतर रही सत्ताधारी भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करेगी। साथ ही जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों द्वारा चुनाव लड़ने पर रोक रहेगी। इस बार पार्टी ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को मौका देगी। इसको लेकर पार्टी हाईकमान और जिला स्तर पर भी समीक्षा की जा रही है।
तीन दिन पूर्व भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल और क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने सहारनपुर आकर पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की थी। कहा था कि पार्टी कार्यकर्ताओं को घोषित प्रत्याशी बनाकर पंचायत चुनाव में उतारा जाएगा। वहीं, सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। पार्टी का उद्देश्य है कि परिवारवाद को बढ़ावा न मिले और लंबे समय से संगठन में मेहनत कर रहे कार्यकर्ताओं को मौका मिले। इसको लेकर पार्टी हाईकमान की ओर से जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र व ग्राम पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधान पदों के उम्मीदवारों की सूची भी तैयार की जा रही है।
भाजपा के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के जिला प्रभारी व उत्तर प्रदेश सहकारिता यूनियन निदेशक बिजेंद्र कश्यप ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव में मौका देगी। भाजपा कभी भी परिवार वाद को बढ़ावा नहीं देती है। कार्यकर्ताओं को घोषित प्रत्याशी बनाकर चुनाव लड़ाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को जितवाने के लिए पूरा संगठन कार्य करेगा।