सहारनपुर। शहर में यातायात को व्यवस्थित करने के लिए ई-रिक्शों के लिए नए सिरे से रूटों का निर्धारण तो कर दिया गया है, लेकिन नए रूट नंबर और उनके परिचय पत्र जारी करने के नाम पर अवैध वसूली का खेल भी शुरू हो गया है। सोमवार को एक व्यक्ति पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए ई-रिक्शा संचालकों ने चार रूटों पर संचालन बंद कर दिया और काफी संख्या में पुलिस लाइन पहुंच गए। अपनी ई-रिक्शों को उन्होंने पुलिस लाइन मैदान में ही खड़ा कर दिया। संचालकों ने चेतावनी दी कि यदि अवैध वसूली बंद न हुई तो वे आगे भी संचालन बाधित रखेंगे।
पुलिस लाइन पहुंचे संचालकों जावेद, नानू, अमित कुमार, मोहम्मद इब्राहिम, फरमान सहित अन्य ने कहा कि जिन संचालकों के पास आरसी है, रूट नंबर है और अन्य मान्य कागजात हैं, उनसे भी रूट नंबर से संबंधित परिचय पत्र और अन्य क्रियाओं के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे स्टेशन पर प्रशासन का एजेंट बताकर एक शख्स 300 से 500 रुपये तक की वसूली कर रहा है। यदि यह अवैध वसूली नहीं रोकी गई तो वे आगे भी ई-रिक्शा का संचालन बंद करने को मजबूर होंगे। संचालकों ने कहा कि पूरे दिन में वे मुश्किल से 400 से 500 रुपये तक ही कमा पाते हैं। इसमें से भी यदि अवैध वसूली में पैसे दे दिए तो फिर वे कमाएंगे क्या और परिवार को खिलाएंगे क्या। पुलिस लाइन में करीब एक घंटे तक संचालकों का हंगामा चला। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि रूटों का निर्धारण हो चुका है। यदि गलत तरीके से कोई अवैध वसूली करता है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे स्टेशन से ही हुआ था रूटों का शुभारंभ
- पुलिस प्रशासन की ओर से नए रूटों का निर्धारण करने के बाद नए सिरे से ई-रिक्शों के संचालन की शुरूआत भी रेलवे स्टेशन से ही की गई थी। अभी काफी संख्या में ऐसी ई-रिक्शा हैं जिन पर रूट नंबर, जरूरी दिशा निर्देश, कलर पट्टी आदि की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ यूनियन
सहारनपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ई-रिक्शा चालक एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष मोहम्मद इजहार ने जारी किए प्रेस नोट में कहा कि महानगर में जो ई-रिक्शा अवैध रूप से चल रहीं हैं, जिनके कागज पूरे नहीं और चालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, यूनियन उनके खिलाफ है। पुलिस-प्रशासन ने जो नियम बनाए हैं, उनका सभी ई-रिक्शा चालकों को पालन करना होगा।