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विवेचना में बयान किए दर्ज, पर नहीं हुई गिरफ्तारी

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सहारनपुर। अवैध बायोडीजल पंप से डीजल और पेट्रोल बिक्री के मामले में पुलिस की विवेचना रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है और ना ही अब तक आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। जबकि इस मामले में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुए एक महीना बीत गया है।
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बड़गांव क्षेत्र में बेहड़ा तिराहा पर अवैध रूप से डीजल और पेट्रोल बेचने का खुलासा अमर उजाला ने 24 जुलाई के अंक में किया था। इसके बाद पूर्ति विभाग ने कई दिन तक जांच कराने के बाद एक अगस्त को पंप संचालक अशोक कुमार के खिलाफ बड़गांव थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पूर्ति विभाग की जांच में भी यह स्पष्ट हो गया था कि पंप स्थापित करने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई और डीजल भी बेचा जा रहा था।
बगैर अनुमति के इस पंप पर भूमिगत टैंक लगाया और डीजल बिक्री के लिए डिस्पेंसिंग यूनिट भी लगा रखी थी। डिस्पेंसिंग यूनिट में 27200 रीडिंग मिली, जिससे पता चला कि यहां काफी दिन से डीजल बेचा जा रहा था।
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इस मामले में पूर्ति निरीक्षक की तरफ से बड़गांव थाने पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने इसकी विवेचना शुरू की, जिसमें अभी तक प्रकरण से संबंधी दस्तावेज पूर्ति विभाग और अन्य विभाग से मंगाए गए। इसके अलावा रिपोर्ट दर्ज कराने वाले और जांच करने वालों में शामिल लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। लेकिन ताज्जुब है कि एक महीना बीतने के बाद भी इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बड़गांव थाना प्रभारी रनवीर सिंह का कहना है कि मामले में विवेचना चल रही है, अधिकांश विवेचना पूरी हो चुकी है और बयान भी दर्ज हो गए हैं। गिरफ्तारी होनी शेष है।
क्यों नहीं उखड़वाई गई मशीन
अवैध बायोडीजल पंप संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई, जांच में अवैध रूप से डीजल बिक्री का भी खुलासा हुआ, मगर अब तक डीजल बिक्री को लगाई गई मशीन नहीं उखड़वाई जा सकी है। इसके अलावा मौके पर भूमिगत टैंक भी लगा है, जिसमें रिपोर्ट दर्ज होने के दौरान करीब 80-90 लीटर डीजल होना बताया गया था। अब तक उस डीजल के सैंपल की जांच रिपोर्ट भी नहीं आई है, जो इस मामले में पूर्ति विभाग और पुलिस की हीलाहवाली को उजागर करता है।
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