जेवर हवाई अड्डा, मेरठ मेट्रो और दिल्ली दून ई वे
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इंफ्रास्ट्रक्चर की तिकड़ी से चुनावी जमीन मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। मेरठ में मेट्रो-नमो भारत रैपिड रेल, नोएडा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर सियासी संदेश दिया है। आगामी चुनाव से पहले इन परियोजनाओं को बेहद खास माना जा रहा है।
पश्चिमी यूपी को लंबे समय से राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार अपनी पकड़ मजबूत बनाने में जुटी है। सरकार एक के बाद एक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण कर रही है। मेरठ में मेट्रो-नमो भारत रैपिड रेल शुरू की गई। इससे दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी और बेहतर हुई। वहीं नोएडा में हवाई सेवा शुरू होने से निवेश और रोजगार के नए अवसर खुले। अब मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन परियोजनाओं के जरिए सरकार विकास का मजबूत पकड़ स्थापित करना चाहती है। इससे न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक संदेश दिया। इसके साथ ही विपक्ष के उन आरोपों का जवाब भी देने की कोशिश की है, जिसमें विकास की गति पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। पश्चिमी यूपी में इन परियोजनाओं की शृंखला विकास और सियासत दोनों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
22 फरवरी को मेरठ में मेट्रो व नमो भारत रैपिड रेल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में मेट्रो व नमो भारत रैपिड रेल का उद्घाटन किया था। इस प्रोजेक्ट से दिल्ली तक यात्रा का समय काफी कम हो गया। यह परियोजना योजना ने लोगों बड़ी राहत दी। इसके साथ ही क्षेत्र के आर्थिक विकास की गति भी मिली।
28 मार्च को नोएडा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। एयरपोर्ट के जरिए क्षेत्र में विदेशी और घरेलू निवेश की उम्मीदें बढ़ी है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिला है।
14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित किया। यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र को बड़े शहरों से जोड़ रहा है। इससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को फायदा मिलेगा।